वाराणसी। स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने के लिए शुरू किए गए ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना के अंतर्गत वाराणसी से सिल्क को चुना गया है। इस योजना के तहत वाराणसी को 280 लाख रुपये सब्सिडी जारी की गई है। इसके लिए आवेदन की अंतिम तारीख 31 अक्तूबर है। वहीं बुनकरों, हस्तशिल्पयों के उत्पादाें के ऑनलाइन प्रमोशन को लेकर अमेजन से समझौता हुआ है। इसकी भी ट्रेनिंग शुरू हो गई है। वाराणसी में बनने वाले सिल्क उत्पादों के प्रचार-प्रसार और बाजार मुहैया कराने के लिए सरकार हर प्रकार की मदद करेगी। उत्पादों के लिए बनी अंब्रेला स्कीम पर भी काम शुरू हो गया है। सिल्क कारोबार से जुड़े बुनकर, निर्यातक, कारोबारी को सरकार सब्सिडी के साथ लोन उपलब्ध करा रही है। 25 लाख तक के लोन पर 25 प्रतिशत सब्सिडी या साढ़े छह लाख रुपये तक की छूट दी जाएगी। इसी प्रकार 25 से 50 लाख रुपये पर भी इसी तरह की सब्सिडी दी जाएगी। 50 से डेढ़ करोड़ रुपये तक के लोन पर 10 लाख रुपये तक की छूट दी जा रही है। अलग-अलग लोन की पूंजी पर छूट का प्रतिशत भी अलग-अलग है। जिला उद्योग केंद्र पर इसके लिए आवेदन किया जा रहा है। जिलास्तरीय टास्कफोर्स पात्रों का चुनाव करेगी, जिसके अध्यक्ष जिलाधिकारी होंगे।
वहीं दूसरी ओर जिला उद्योग केंद्र पर शुक्रवार व शनिवार को अमेजन के प्रतिनिधि बुनकरों और उद्यमियों को प्रशिक्षण देते हैं। यहां बताया जाता है कि उत्पाद का फोटो अपलोड, प्राइज व कारोबार आदि कैसे करें। इसके लिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन होना आवश्यक है।
तीन नए उत्पादों को जीआई के लिए भेजा
तीन नए उत्पादों को जीआई के लिए भेजा गया है। वाराणसी हैंड ब्लॉक प्रिंट, जरी जरदोजी, वुड कार्विंग को जीआई उत्पादाें की फेहरिस्त में शामिल करने के लिए आवेदन किया गया है। जीआई विशेषज्ञ डॉ. रजनीकांत ने बताया कि अब बनारस से जुड़े प्रमुख खान पान के लिए आवेदन की तैयारी है। सबसे पहले बनारसी ठंडई, लंगड़ा आम और बनारसी पान को जीआई के लिए भेजा जाएगा।
ओडीओपी योजना के अंतर्गत तेजी से काम चल रहा है। लोन पर सब्सिडी के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। साथ ही अमेजन के साथ मिलकर बुनकरों, उद्यमियों को ऑनलाइन उत्पादाें की बिक्री का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
- करुणा राय, उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र