वाराणसी। शहीद मंगला पटेल की पत्नी शीला देवी, अपना दल के मंडल अध्यक्ष राजेश पटेल, जिला अध्यक्ष सुनील सिंह ने प्रदेश सरकार पर शहीद जवान को आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी देने के मामले में प्रदेश सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाया। शुक्रवार को परेड कोठी स्थित टूरिस्ट बंगलो में पत्रकारों से कहा कि सीमा सुरक्षा बल (बीआरओ) में इंजीनियर पद पर कार्यरत जवान श्रीनगर में ड्यूटी के दौरान पांच जनवरी 2018 को हिमस्खलन में शहीद हो गया था। शहीद जवान किसान परिवार से है। उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है।
घटना के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डा. महेंद्र नाथ पांडेय आयर स्थित शहीद के परिवार को सांत्वना देने पहुंचे थे। उन्होंने बीस लाख रुपये और शहीद परिवार के सदस्य को नौकरी दिलाने का वादा किया था। इसके अलावा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अनुप्रिया पटेल भी घर गईं थी। उन्होंने भी 25 लाख रुपये और सरकारी नौकरी का आश्वासन दिया था। अब तक शहीद परिवार को कुछ भी नहीं मिला। अपना दल के नेताओं ने शहीद के परिवार को एक करोड़ रुपये और नौकरी की मांग की। चेतावनी दी कि एक सप्ताह में मांगें पूरी नहीं हुई तो शहीद के गांव में अनशन होगा।