वाराणसी। भाई-बहन का त्योहार रक्षा बंधन इस बार बेहद खास होगा। इस बार न ग्रहण की छाया है न भद्रा का झंझट है। राखी बांधने के लिए 11 घंटे का शुभ मुहूर्त मिल रहा है। काशी के ज्योतिषियों के अनुसार कई वर्षों बाद ऐसा शुभ संयोग आया है।
श्री काशी विद्वत परिषद के संगठन मंत्री पं. दीपक मालवीय का कहना है कि पूर्णिमा तिथि 25 अगस्त शनिवार को दोपहर 2:25 बजे ही लग जाएगी। यह 26 अगस्त शाम 4:16 बजे तक रहेगी। भद्रा 25 अगस्त को दोपहर 2:25 से प्रारंभ और देर रात्रि 3:21 तक होगी। इसलिए 26 अगस्त को प्रात: काल से दिनभर रक्षाबंधन और ब्राह्मणी का श्रावणी उपाकर्म मनाया जाएगा। रक्षाबंधन का सर्वश्रेष्ठ काल दोपहर 1:14 बजे से 3:46 मिनट तक होगा।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के शोध छात्र पं. गणेश प्रसाद मिश्रा का कहना है कि इस बार भद्रा नहीं होने के कारण विशेष संयोग भी रक्षा बंधन के दिन बन रहा है। इस बार बहनें शाम 5 बजे तक अपने भाइयों को राखी बांध सकेंगी। इस बार 11 घंटे तक राखी बांधने का समय है। राखी की थाली में कुमकुम, हल्दी, चावल, राखी और कुछ पैसे रखे जाते हैं। इसके अलावा कलश में पानी और आरती के लिए ज्योति भी रखी जाती है। इसके साथ ही भाई की पसंदीदा मिठाई भी रखी जाती है।
इस समय राखी बांधने से बचें
काशी के ज्योतिषियों की मानें तो 26 अगस्त के दिन शाम 4:30 से शाम 6 बजे तक राहुकाल रहेगा। इस समय अवधि के अलावा किसी भी समय राखी बांधी जा सकेगी।