वाराणसी। अमरावती देवी की मौत 13 जनवरी को ही हो गई थी। तब से उसके शव को घर में रखा गया था। दोबारा आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह साबित हुआ है।
भेलूपुर थाना क्षेत्र के दुर्गाकुंड पुलिस चौकी से लगभग 50 मीटर दूर स्थित आवास विकास के फ्लैट में सेवानिवृत्त कस्टम सुपरिटेंडेंट दया प्रसाद की पत्नी अमरावती देवी का शव मिला था था। पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए अमरावती के बेटों का दावा था कि उनकी मां की मौत दो तीन दिन पहले हुई थी लेकिन बीएचयू में हुई दोबारा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह साबित हो गई है कि अमरावती की मौत 13 जनवरी को फेफड़े में संक्रमण के चलते हुई थी। पुलिस जल्द ही मृतका अमरावती के परिजनों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करेगी।
पुलिस के मुताबिक फेफड़े में इंफेक्शन के चलते बीएचयू में इलाज के दौरान 13 जनवरी की सुबह अमरावती की मौत हो गई थी। इसके बाद उनके बेटों ने शव को एसी कमरे में रख कर मां के खाते से चार महीने तक पेंशन लेते रहे। जब घर की बिजली कटी तो एसी बंद हो गई। इसके बाद शव से बदबू आने पर पड़ोसियों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस के पहुंचने पर मुख्य आरोपी अमरावती के बेटे रवि प्रकाश से पूछताछ हुई। बाद में लंका शाखा के सेंट्रल बैंक आफ इंडिया के मैनेजर की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया।
बीएचयू के छात्रों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
वाराणसी। लंका थाना अंतर्गत नरिया के रहने वाले उत्कर्ष पाठक को शुक्रवार की रात फोन पर धमकी देने के बाद कुछ लोग घर पर चढ़ गए और मारपीट कर पैसा आदि छीन लिया। उत्कर्ष की तहरीर पर लंका थाने में मनीष तिवारी, प्रवीण राय, अवनीश यादव के खिलाफ मारपीट, धमकी, लूट आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।तीनों बीएचयू के छात्र बताए जा रहे हैं।