भदोही। हजरत दाता कल्लन शाह शहरवर्दी रहमतुल्लाह अलैह का दो दिनी सालाना उर्स सोमवार की रात महफिले शमा और लंगरे आम के साथ समाप्त हो गया। आस्ताने पर अकीदतमंदों की भीड़ से माहौल मेले जैसा रहा। पहले दिन लोग जश्ने ईद मिलादुन्नबी में शामिल हुए तो दूसरे दिन लंगर और रात में कौव्वाली का आनंद लिया।
रविवार की जलसे को खिताब करते हुए मौ. फैसल अशरफी ने कहा कि बुजुर्गानेदीन की निसबत रखना चाहिए। उन्होंने दीने इस्लाम में मुसलमानों के फराएज और हुकूक पर रोशनी डाली। कहा कि इसानियत को अपनाओ। उन्होंने नमाज की पाबंदी और बच्चों को दुनियाबी तालीम के साथ साथ दीनी तालीम देने पर जोर दिया। दूसरे दिन शाम से लेकर देर रात तक मजार पर चादरपोशी होती रही। इस दौरान मौ. अब्दुस्समद जेयाई, शहनवाज, कारी आशिक अली, सकलैन वजाहत, सैय्यारे कमर आदि ने नात पेश किए।