वाराणसी। मिशन इंद्रधनुष के तहत चलने वाले टीकाकरण अभियान की प्रगति को लेकर शनिवार को हुई डिस्ट्रिक टॉस्क फोर्स बैठक से गायब रहने वाले चिकित्साधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने संस्तुति की है। इसमें संविदा वालों की सेवा समाप्त करने जबकि नियमित चिकित्साधिकारियों का निलंबन करने का पत्र शासन को भेजा है। साथ ही प्रमुख सचिव से भी कठोर कार्रवाई के बारे में बातचीत की। रायफल क्लब में हुई ब्रीफिंग में जिले के शहरी क्षेत्रों के 24 स्वास्थ्य केंद्रों में 16 केंद्रों के चिकित्सा प्रभारी गैरहाजिर रहे। बता दें कि हाल ही में स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी प्रगति रिपोर्ट में बनारस समेत 30 जिलों का प्रदर्शन खराब होने पर सीएमओ के साथ ही डीएम को भी सुधार लाने की चेतावनी दी गई थी।
अभियान के तहत दो साल तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं का 2018 तक 90 प्रतिशत टीकाकरण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अक्तूबर 2017 से जनवरी 2018 तक चलने वाले चार चरण के अभियान का यह अंतिम चरण है। बनारस में चलने वाले अभियान की समीक्षा के दौरान टास्क फोर्स की बैठक में जिलाधिकारी ने सीएमओ समेत अन्य मौजूद अधिकारियों को टीकाकरण अभियान में तेजी लाने का निर्देश दिया। इस दौरान 24 स्वास्थ्य केंद्रों में महज 8 ही प्रभारी पहुंचे। बाकी के बारे में पूछे जाने पर जब कोई जानकारी नहीं मिल सकी तो डीएम ने नाराजगी जाहिर करते हुए कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया। सीएमओ से नियमित चिकित्साधिकारियों को निलंबित करते हुए उनके तैनाती स्थल से दूसरे जगह तैनात करने, पोर्टल पर डेटा फ ीडिंग की खराब प्रगति पर जिम्मेदार कर्मी के विरूद्व कार्यवाही करने का निर्देश दिया। इस बारे में सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि 16 में से एक चिकित्सक ने तीन जनवरी को त्याग पत्र दे दिया था, बाकी दो महिला चिकित्साधिकारी मातृत्वअवकाश पर है और एक चिकित्साधिकारी दीनदयाल अस्पताल से संबद्ध है। बताया कि शेष 12 के खिलाफ कार्रवाई के लिए डीएम को पत्र भेजा जा चुका है।
इस माह 7557 बच्चो, 745 महिलाओं का लक्ष्य
इस माह अभियान के तहत 7557 बच्चों और 745 गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि 8 जनवरी से शुरू होने वाले अभियान में 679 सत्रों में 107 एएनएम, शहरी क्षेत्र की 285 आशाएं, सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगी। अभियान की सफलता के लिए एनडीआरएफ के जवान भी जागरूक कर रहे हैं।