वाराणसी। बाबा विश्वनाथ अब पुरातन नगरी के बीच मॉल के मालिक होंगे। बाबा के मॉल में शाही रेस्टोरेंट भी होगा और बच्चों-युवाओं के लिए मनोरंजन के साधन भी। बनारस के हस्तशिल्प की खरीदारी भी लोग वहां कर सकेंगे और जींस-टॉप से लेकर शार्ट्स तक की रेंज भी उपलब्ध होगी। उसे अत्याधुनिक बाजार के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां अंडरग्राउंड पार्किंग की सुविधा भी होगी। काशी के हृदयस्थल बांस फाटक पर पांच वर्ष से बनकर तैयार शापुरी मॉल को खरीदने के लिए मंदिर प्रशासन ने पहल की है।
विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर तीन- कोतवालपुरा के ठीक सामने 29 हजार स्क्वायर फीट एरिया में बने भव्य शापुरी मॉल को खरीदने के लिए विश्वनाथ मंदिर प्रशासन के पास प्रस्ताव आया है। पिछले तीन वर्ष में 40 हजार स्क्वायर फीट क्षेत्रफल में बने भवनों को खरीदने के बाद विश्वनाथ मंदिर प्रशासन ने अब मॉल खरीदने के प्रस्ताव को न्यास परिषद में रखने का निर्णय किया है।
इस मॉल के खरीदे जाने के बाद बाबा विश्वनाथ तीर्थनगरी में अत्याधुनिक कॉमर्शियल मॉल के मालिक बन जाएंगे। भूतल से लेकर तीन मंजिला इस मॉल में 80 से अधिक दुकानों के आवंटन होंगे। इसमें बहुउद्देश्यीय बाजार विकसित किया जाएगा। विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एसएन त्रिपाठी ने मॉल खरीदने के प्रस्ताव पर न्यास परिषद के अध्यक्ष से वार्ता की है। न्यास अध्यक्ष ने बताया कि मॉल खरीदने के प्रस्ताव का अध्ययन कराया जाएगा कि इसे श्रद्धालु हितों के लिए कितना उपयोगी बनाया जा सकता है। चार वर्ष पहले इस मॉल को खरीदने के लिए 65 करोड़ रुपये में सौदा तय हो रहा था लेकिन न्यास परिषद ने स्वीकार नहीं किया था। अब 45 करोड़ रुपये पर डील हो रही है।