वाराणसी। ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य पद पर द्वारिका-शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का अभिषेक करने वाले धड़े के निष्कासन पर मंगलवार की देर शाम तक मंथन किया गया। बुधवार तक इस मामले में बड़ी कार्रवाई के संकेत मिले हैं। उधर, अभिषेक करने वाले धड़े के उपाध्यक्ष सत्यनारायण पांडेय की मौजूदगी में अलग बैठक हुई। इसमें आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया। उपाध्यक्ष ने बताया कि जल्द ही वह ऐसा खुलासा करेंगे, जिससे स्वामी स्वरूपानंद का विरोध करने वाले धड़े के पदाधिकारियों की बोलती बंद हो जाएगी।
लहुराबीर स्थित भारत धर्म महामंडल परिसर में मंगलवार की दोपहर से शाम तक उपाध्यक्ष सत्यनारायण पांडेय, डिपार्टमेंटल सेक्रेटरी शंभूनाथ चतुर्वेदी समेत पांच पदाधिकारियों के निष्कासन पर गहन मंथन किया गया। विधिक राय भी ली गई। महामंडल के चीफ सेक्रेटरी प्रो. प्यारे सिंह ने बताया कि निष्कासन पर अभी फैसला नहीं लिया जा सका है लेकिन संस्था विरोधी गतिविधियों में लिप्त लोगों पर जल्द ही बड़ी कार्रवाई हो सकती है। उल्लेखनीय है कि सात दिसंबर को जनरल सेक्रेटरी शंभू उपाध्याय ने शंकराचार्य के चयन के मसले पर महामंडल कार्यालय में आल इंडिया कौंसिल की बैठक बुलाई है। पदाधिकारियों की रणनीति है कि सात की बैठक से पहले ही निष्कासन पर निर्णय ले लिया जाए।