वाराणसी। जिला जेल से दूसरे की जगह पेशी पर कचहरी आए बंदी करण गुप्ता के फरार होने के मामले में तीन बंदीरक्षकों के अलावा जेलर और डिप्टी जेलर भी कार्रवाई की जद में आ सकते हैं। शनिवार को वरिष्ठ अधीक्षक डॉ. बीडी पांडेय ने जब इस बेहद गंभीर लापरवाही पर बंदीरक्षकों और अन्य जिम्मेदारों से पूछताछ की तो वे कोई जवाब नहीं दे पाए। प्रथम दृष्टया तीन बंदीरक्षकों की लापरवाही सामने आई है, साथ ही इनकी निगरानी का जिम्मा संभालने वाले अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। जांच रिपोर्ट के आधार पर रविवार को इनके विरुद्ध कार्रवाई हो सकती है। मामले को लेकर कारागार प्रशासन में खलबली मची है।
जिला जेल की बैरक नंबर छह में निरुद्ध बंदी उदय प्रताप की जगह करण गुप्ता को पेशी पर चंदौली स्थित सीजेएम कोर्ट ले जाया गया था। उदय प्रताप की जगह करण गुप्ता चंदौली कोर्ट कैसे पहुंच गया, यह सवाल जब जेल के वरिष्ठ अधीक्षक ने मातहतों से पूछा तो वे बगली झांकने लगे। चंदौली स्थित सीजेएम कोर्ट से पेशी से निकलने के बाद शुक्रवार को बंदी करण गुप्ता पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था। पुलिस की तफ्तीश में सामने आया है कि फरार होने की साजिश बैरक में ही रची जा चुकी थी। इस बारे में जिला जेल के वरिष्ठ अधीक्षक डॉ. बीडी पांडेय ने बताया कि तीन बंदीरक्षकों की प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आ रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर रविवार को कार्रवाई की जाएगी। बंदियों की शिनाख्त और तस्दीक में पहले की अपेक्षा और ज्यादा सख्ती की गई है।