भदोही। मुकद्दस माहे रमजान में जितनी एबादत हो सके बढचढ कर करना चाहिए। तरावीह की नमाज रमजान का चांद देखने से लेकर ईद का चांद दिखने तक अदा करना चाहिए। ये बातें बीती रात 17वें रोजे की रात मोहल्ला काजीपुर मोती मस्जिद में हाफिज साबिर अली अंसारी ने कही। तरावीह मुकम्मल कराने पर मौजूद लोगों ने उनका फूल माला पहना कर इस्तकबाल किया।
हाफिज ने 17वें रमजान को तरावीह मुकम्मल किया। उन्होंने कहा कि इतनी रहमतों और फजीलतों वाला महीने रमजान साल में एक बार आता है। अल्लाह की इबादत कर चाहे जितनी रहमत बटोर सकते हैं बटोर लें। इस महीने एक अच्छे काम का अल्लाह 70 गुना सवाब देता है। पाक महीने में रोजा रखने के साथ मुसाफिरों का भी ध्यान दें। कोई रोजे से हो तो उसे इफ्तार कराना बड़ा काम है। ईद की खुशियों में सबको शामिल करें। इस दौरान मुफ़्ती शाफी ने भी खिताब किया। इस मौके पर हाजी सौदागर अली अंसारी, राशिद अंसारी, हाजी जमील, हाजी मकसूद आलम, सलाउद्दीन अंसारी, मकसूद अंसारी, कमालुद्दीन, सदरुद्दीन, जावेद अंसारी, हाफ़िज मो.उमर, अकबर अली, फरीद आलम आदि रहे। आखीर में लोगों को तबर्रुख बांटे गए।