वाराणसी। शहर में शनिवार को बिजली व्यवस्था बेपटरी हो गई। काशी विद्यापीठ और नगर निगम उपकेंद्र से जुड़े शहर के प्रमुख इलाकों में दोपहर से ही बिजली गुल हो गई। देर शाम तक बिजली न आने पर कई क्षेत्रों में पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर हाहाकार मच गया। जब लोगों ने विभागीय कर्मचारियों, अधिकारियों को फोन लगा कर कारण जानना चाहा तो उन्होंने अपने फोन ‘स्विच ऑफ’ या ‘नॉट रिचेबल’ कर लिए। इसको लेकर लोगों में आक्रोश और बढ़ गया। इसको लेकर नगर निगम उपकेंद्र पर बिजली उपभोक्ताओं ने हो हल्ला भी किया। देर शाम दूसरे उपकेंद्रों से थोड़ी-थोड़ी देर के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में बिजली सप्लाई की जा रही थी। समस्या का कारण छावनी क्षेत्र स्थित कैंट उपकेंद्र की भूमिगत लाइन में फाल्ट आना बताया गया। देर रात तक बिजली सप्लाई सामान्य होने की संभावना व्यक्त की गई।
गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली के फाल्ट में भी इजाफा हो गया है। हद तो तब हो गई जब शनिवार को शहर के प्रमुख इलाकों में कई घंटे तक बिजली गुल रही। काशी विद्यापीठ और नगर निगम से जुड़े कई इलाकों में दोपहर बाद बिजली गुल हो गई। कुछ घंटे तो इनवर्टर ने घर के पंखे व बिजली का लोड संभाला पर उसके बाद उसने भी हाथ खड़े कर दिए। लोग बिना बिजली के बेहाल हो गए। पानी की बूंद-बूंद के लिए लोग तरसते देखे गए। जब कई घंटे तक बिजली के दर्शन नहीं हुए थे तो लोगों ने कारण जानने के लिए उपकेंद्रों पर फोन लगाया तो फोन स्विच ऑफ मिले। ऐसे में पसीने से तरबतर उपभोक्ता केवल विभाग को कोसते रहे। कई क्षेत्रों में पानी को लेकर हाहाकार मचा रहा। बिजली की समस्या के चलते नगर निगम, काशी विद्यापीठ, औरंगाबाद, निरालानगर, सेानिया, गांधीनगर कमलावती नगर, अशोक नगर, नई पोखरी, छित्तपुर, अन्नपुर्णा कॉलोनी, लल्लापुरा, पितरकुंडा, शिवपुरवा, जयप्रकाश नगर, माधोपुर में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। इसी प्रकार पन्नालाल उपकेंद्र से जुड़े इलाकों में भी जमकर बिजली कटौती की जा रही है। चितईपुर व डीरेका के पीछे स्थित कालोनियों में बिजली कटौती की समस्या थमने का नाम नहीं ले रही है। देर रात तक केबिल में आए फाल्ट को दूर करने में विभागीय कर्मचारी लगे रहे।