वाराणसी। जाम से जूझ रहे शहर में सुगम यातायात के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट प्लेटफार्म तैयार करने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। दो रूट पर रोप-वे संचालन की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। साथ ही गंगा-वरुणा नदी में वाटर ट्रांसपोर्ट विकसित किया जाएगा। वरुणा नदी के दोनों तरफ रिवर फ्रंट रोप-वे और बीएचएल से बीएचयू तक रोप-वे के लिए सुझाव मांगे गए हैं।
शहर में संचालित केंद्रीय परियोजनाओं की प्रगति के संबंध में सोमवार को कमिश्नर दीपक अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में रोपवे संचालन पर चर्चा हुई और कराए गए सर्वे रिपोर्ट का अध्ययन कर खामियां दुरुस्त करने का निर्णय लिया गया। डायल मेयर कंपनी ने पिछले दिनों विकास प्राधिकरण में रोप-वे संचालन के लिए प्रजेंटेंशन दिया था। बताया था कि कम खर्च में बिना तोड़फोड़ किए ही इसे आसानी से चलाया जा सकता है। यह भी कहा था कि पुरानी काशी में न तो तोड़फोड़ संभव है और न ही ड्रिलिंग करना। ऐसे में सबसे बेहतर विकल्प रोप-वे होगा। प्रस्ताव में 10 सीटर रोपवे ओल्ड सिटी जैसे राजघाट से लेकर मैदागिन, गोदौलिया से लंका तक और वहां से कैंट तक चलाने की बात शामिल थी। इसके लिए केंद्रीय आवास एवं शहरी मंत्रालय से सर्वे की अनुमति मांगी गई थी, जिस पर निर्णय नहीं हो पाया था। मंडलायुक्त ने इस प्रोजेक्ट को शुरू करने के लिए सुझाव मांगे हैं। बैठक में जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह, उपाध्यक्ष विकास प्राधिकरण राजेश कुमार, नगर आयुक्त आशुतोष द्विवेदी, लोक निर्माण विभाग, विद्युत, जल निगम, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई सहित अन्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।