वाराणसी। चंदौली जिले के साहूपुरी स्थित 148 बटालियन सीआरपीएफ में तैनात अविनाश सिंह (30) ने सोमवार रात राजघाट स्थित मालवीय पुल से गंगा में छलांग लगा दी। वहां मौजूद मल्लाहों ने उसे बाहर निकाल कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने जवान को रामनगर स्थित लालबहादुर शास्त्री अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने उसे बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। अविनाश के पिता के अनुसार, बटालियन के हवलदार मेजर की प्रताड़ना से आजिज आकर उनके बेटे ने आत्मघाती कदम उठाया। वहीं, बटालियन के कमांडेंट ने आरोपों को खारिज किया है।
चौबेपुर थाना अंतर्गत चंबा गांव निवासी अविनाश साहूपुरी स्थित सीआरपीएफ की बटालियन में कांस्टेबल पद पर तैनात है। अविनाश की पत्नी आरती और बेटा अमन गांव में रहते हैं। अविनाश के पिता शमशेर बहादुर सिंह के अनुसार, उनका बेटा प्रत्येक शनिवार को घर आता है। सोमवार को अविनाश ड्यूटी पर गया और शाम को कैंप से लौटते समय मालवीय पुल से गंगा में छलांग लगा दी। शमशेर के अनुसार, अविनाश को उसकी बटालियन का हवलदार मेजर लगातार प्रताड़ित कर रहा है। तरह-तरह के आरोपों में फंसाने की बात कह कर निलंबित कराने की धमकी देता रहता है। इससे परेशान होकर अविनाश ने गंगा में छलांग लगाई। उधर, साहूपुरी सीआरपीएफ के कमांडेंट राजीव कुमार चौधरी ने बताया कि अविनाश उनके ही ऑफिस में रहता है। प्रताड़ना जैसी कोई बात कभी सामने नहीं आई। यह आरोप बेबुनियाद हैं।
पहले इलाज का खर्च उठाने को कहा, फिर बोले बाद में देंगे
अविनाश के पिता शमशेर बहादुर सिंह ने कहा कि उनके बेटे के गंगा में छलांग लगाने की जानकारी मिलने पर सीआरपीएफ के अधिकारी आए और उपचार का पूरा खर्च भुगतान करने को कहा। इसके बाद उन्हें कॉल कर कहा गया कि अविनाश के उपचार में जो खर्च आए उसे अभी दे दें, बाद में सीआरपीएफ की ओर से भुगतान कर दिया जाएगा।