वाराणसी। चुनाव आचार संहिता समाप्त होने के बाद जिलाधिकारी ने जिला पंचायत में भ्रष्टाचार के आरोपी पर कार्रवाई के लिए फाइल वापस कर दी है। जिला पंचायत ही अब लिपिक के निलंबन पर निर्णय करेगा।
करीब एक साल पहले जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी के सामने ही लिपिक और ठेकेदार के बीच कमीशन के लेन-देन का वीडियो वायरल हुआ था। इसमें चार लाख रुपये से ज्यादा के भुगतान पर कमीशन की मांग की जा रही थी। इस मामले में जांच का आदेश दिया गया था। चुनाव के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर लिपिक के निलंबन के लिए चुनाव आयोग से अनुमति मांगी थी। हालांकि आचार संहिता के दौरान आयोग की ओर से कोई जवाब नहीं आया। आचार संहिता समाप्त होने के बाद जिलाधिकारी ने जिला पंचायत की फाइल वापस कर दी है और स्थानीय स्तर पर निर्णय लेने को कहा है। डीएम सुरेंद्र सिंह ने बताया कि आचार संहिता समाप्त होने के बाद अब जिला पंचायत निर्णय ले सकता है।