वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन कैंट पर तीन महीने से बिना लाइसेंस के ही जन आहार संचालित किया जा रहा है। करार खत्म होने की वजह से कर्मचारियों का मेडिकल तक बनना बंद हो गया है। इस बाबत सीएचआई ने उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के सीनियर डीसीएम को भी पत्र लिखा पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई।
कैंट रेलवे स्टेशन पर कामर्शियल विभाग की मनमानी के चलते यात्रियों को समस्या का सामना करना पड़ता है। इस बार सुविधा नहीं बल्कि मामला यात्रियों के स्वास्थ्य का है। कैंट स्टेशन पर आगरा की एक फर्म जन आहार संचालित कर रही है। तीन महीने पहले लाइसेंस की अवधि समाप्त होने के बाद भी जन आहार मनमाने ढंग से चलाया जा रहा है। करार समाप्त होने के साथ ही जन आहार में काम करने वालों का मेडिकल भी बनना बंद हो गया। ऐसे में जन आहार में कौन काम कर रहा है और कौन नहीं इसका कोई आधिकारिक डाटा रेल प्रशासन के पास नहीं है।
जन आहार के नाम पर स्टेशन परिसर में अनाधिकृत प्रवेश भी हो रहा है। इसको लेकर विभाग ने पत्राचार भी किया पर कोई सुनवाई नहीं हुई। खराब गुणवत्ता और घटना हो जाने के दौरान रेलवे किसकी जिम्मेदारी तय करेगा यह बड़ा सवाल है। कुल मिलाकर यात्रियों के स्वास्थ्य व रेलवे स्टेशन की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इस मामले में सीनियर डीसीएम जगतोष शुक्ला ने बताया कि उन्हें अभी तक इस संबंध में काई पत्र नहीं मिला है। मामले की जांच कराई जाएगी।