वाराणसी। गोरखपुर से चलकर लोकमान्य तिलक टर्मिनस जाने वाली समर स्पेशल ट्रेन को शाम 7:25 पर वाराणसी पहुंचना था, लेकिन वाराणसी पहुंचने के समय तक समर स्पेशल गोरखपुर से चली ही नहीं। वहीं एनटीईएस (नेशनल रेल इंक्वायरी सिस्टम) पर ट्रेन की गलत सूचना प्रसारित होती रही, जिससे भड़के यात्रियों ने हंगामा किया।
गाड़ी संख्या 02055-56 वाराणसी-मुंबई स्पेशल ट्रेन निर्धारित दिन 22 मई को सुबह सात बजे के बजाय अगले दिन गुरुवार शाम पांच बजे के बाद वाराणसी पहुंची। इस वजह से 22 मई सुबह 10 बजे रवाना होने वाली ट्रेन दूसरे दिन शाम साढ़े सात बजे रवाना हो सकी। इससे नाराज यात्रियों ने हंगामा किया। यह महज बानगी है। लगभग सभी ट्रेनों का यही हाल है। जिस रेलवे स्टेशन से ट्रेन चलाई जाती है, वहीं से घंटों देरी से छूट रही है। रास्ते में एक्सप्रेस ट्रेनों को पास कराने के लिए समर स्पेशल को लूप लाइन, आउटर पर खड़ा कर दिया जा रहा है। मालगाड़ी तक को प्राथमिकता दी जाती है, मगर विशेष ट्रेनों को पूछने वाला कोई नहीं है। धीरे-धीरे ट्रेन घंटों लेट होती चली जाती है।
विशेष ट्रेनों के लिए एक ही रेक को आने और जाने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसके अलावा जब ट्रेन देरी से पहुंचती है तो वहां से छूटती भी लेट है। ऐसे में यात्रियों को रेलवे स्टेशन पर घंटो तो कभी-कभी एक-दो दिन तक इंतजार करना पड़ता है। इसे लेकर यात्रियों में जबरदस्त रोष है।
विशेष ट्रेनों के साथ रेलवे सौतेला व्यवहार कर रहा है। समर स्पेशल के लिए उपेक्षा का रवैया इस कदर है कि एनटीईएस पर लोकेशन तक नहीं डाली जाती। लोकेशन फीड भी की जाती है तो वह सही नहीं होती। ऐसे में यात्री भी समर स्पेशल से यात्रा करने से बचने लगे हैं।