वाराणसी। गाजीपुर के जमानियां स्थित हिंदू पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. देवेंद्र नाथ सिंह से 24 लाख की रंगदारी मांगने के मुख्य आरोपी दिलीप सिंह उर्फ टिंकू ने 13 मई को चंदौली के कंदवा थाना के सुधना से रामपुर मार्ग पर तांत्रिक शमशेर अंसारी की गोली मार कर हत्या कर दी थी। पुलिस के अनुसार दिलीप की प्रेमिका के घर पर कंदवा थाना अंतर्गत रामपुर निवासी तांत्रिक शमशेर का आना-जाना होता था। तांत्रिक को दिलीप और उसकी प्रेमिका की मुलाकात अच्छी नहीं लगती थी। इसकी भनक दिलीप को लगी तो उसने शमशेर की गोली मार कर हत्या कर दी।
उधर, बुधवार को पुलिस ने चंदौली के धीना थाना के डेढ़गांव निवासी दिलीप सिंह और उसके दोस्त नूरी गांव निवासी विशाल सिंह उर्फ रीशू और जमनियां थाना के बरुई निवासी कृष्णानंद सिंह उर्फ बिट्टू को जेल भेज दिया। तीनों के पास से एक देसी पिस्टल, दो तमंचा, तीन कारतूस और तीन मोबाइल बरामद की गई है।
सामने घाट क्षेत्र की जानकी नगर कॉलोनी निवासी डॉ. देवेंद्र नाथ सिंह को बीते 10 मई को कॉल कर 24 लाख की रंगदारी मांगी गई थी। एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि इंस्पेक्टर लंका भारत भूषण तिवारी ने तफ्तीश शुरू की तो सामने आया कि मोबाइल चुरा कर कॉल कर रंगदारी मांगी गई थी। दिलीप ने बताया कि वो हिंदू पीजी कॉलेज से 2017 से छात्रसंघ का चुनाव लड़ा था। इसके बाद 2018 में विकास राय को छात्रसंघ चुनाव लड़ाया था। दोनों बार के चुनाव के दौरान हुए विवाद को लेकर प्राचार्य डॉ. देवेंद्र नाथ सिंह ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। दिलीप ने कई बार कहा था कि डॉ. सिंह उसके खिलाफ दर्ज कराए गए मुकदमे को वापस ले लें लेकिन वो तैयार नहीं थे। इसे लेकर बीते 25 अप्रैल को चंदौली के कंदवा थाना क्षेत्र में दिलीप ने अपने दोस्तों के साथ डॉ. सिंह की कार पर फायरिंग की थी लेकिन वो बच गए थे। इसके बाद दिलीप का दोस्त विशाल का ममेरा भाई अमन अपने साथ पढ़ने वाले छात्र का मोबाइल चुराया और उससे डॉ. सिंह को कॉल कर रंगदारी मांगी गई। अमन की तलाश के लिए पुलिस की एक टीम लगाई गई है।