विकास प्राधिकरणों के महायोजना क्षेत्र में चिह्नित ग्रीन बेल्ट या पार्क क्षेत्र की भूमि के बैनामे पर रोक लगाने के एनजीटी आदेश के क्रम में प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन नितिन रमेश गोकर्ण ने एडीए को महायोजना क्षेत्र में भू-उपयोग के अभिलेख डीएम एवं स्टांप एवं निबंधन विभाग को उपलब्ध करा देने को कहा है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने एक मामले की सुनवाई करते हुए 19 दिसंबर 18 को प्रदेश सरकार को विकास प्राधिकरणों के महायोजना क्षेत्र में चिह्नित ग्रीन बेल्ट या पार्क क्षेत्र की भूमि के बैनामे रोक लगाने का निर्देश दिया। साथ ही इस संबंध में सरकार को अध्यादेश लाने को कहा है। इस आदेश के क्रम में प्रमुख सचिव आवास एवं शहरी नियोजन नितिन रमेश गोकर्ण ने आजमगढ़ विकास प्राधिकरण को महायोजना के तहत चिह्नित ग्रीन बेल्ट और पार्क की जमीनों के बैनामे पर तत्काल रोक लगाने के लिए महायोजना के भू-उपयोग के अभिलेख (गाटा संख्या, खसरा संख्या, आराजी संख्या आदि) जिलाधिकारी और स्टांप एवं निबंधन विभाग को अविलंब सौंप देने का निर्देश दिया है। उल्लेखनीय है कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में जमीन के छोटे-छोटे टुकड़ों के बैनामे पर काफी दिनों से अंगुली उठ रही थी। प्राधिकरणों की ओर से भी शासन में हुई बैठकों में इस मुद्दे को उठाया गया था कि एक बिस्वा और आधे बिस्वा जमीन कोई पौधे लगाने और खेल मैदान के लिए नहीं खरीदता। स्वाभाविक है कि वहां अवैध निर्माण कराया जाता है। माना जा रहा है कि बैनामा रुकने से इन क्षेत्रों में अवैध निर्माण पर लगाम लगेगी।
इन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर हुए अवैध निर्माण
नगर के ग्रीनलैंड एरिया बवाली मोड़, रमायन पेट्रोल पंप, ठंडी सड़क, रैदोपुर, काली चौरा, जाफरपुर, मुंडा, सिधारी, नरौली, मुनरा सराय, जुनैदगंज, हाफिजपुर आदि क्षेत्र में अवैध निर्माण महायोजना को पलीता लगा रहे हैं।
शासन के निर्देश के क्रम में महायोजना के साथ अभिलेख जिलाधिकारी और स्टांप एवं निबंधन विभाग को भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। डीएम से वार्ता के बाद अगला कदम उठाया जाएगा। अवैध निर्माणों पर भी कार्रवाई होगी।
बाबू सिंह, एडीए सचिव