वाराणसी। दो तीन दिन के बढ़ाव के बाद बुधवार को जहां गंगा में घटाव शुरू हो गया। जलस्तर 69.10 मीटर तक पहुंच गया था वहीं 12 घंटे स्थिर रहने के बाद सहायक नदियों का जलस्तर भी कम हो गया। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गुरुवार की शाम छह बजे तक गंगा का पानी 68.92 मीटर पर पहुंच गया है। घटने की गति तीन सेमी प्रति घंटा हो गई है। हालांकि पानी के कम होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। जिन बस्तियों में पानी घुस गया था वहां अब दुर्गंध और गंदगी का अंबार है।
गंगा का पानी कम होने से दशाश्वमेध घाट की जहां सीढ़ियां डूब गई थीं वह अब दिखने लगी हैं। इससे लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन अभी भी लोगों को बाढ़ की चिंता सता रही है। डूब क्षेत्र के निवासियों का कहना है कि कभी भी पानी बढ़ सकता है। इसलिए हम लोग सजग हैं। वहीं अस्सी नाले से पानी घुसने की वजह से आंशिक साकेत नगर, रोहित नगर, घोसियारी टोला दुमरावबाग कालोनी तक पानी पहुंचने की स्थिति में पहुंच गया था।
वहीं दो दिन तक लगातार वरुणा नदी में बढ़ाव होने के बाद गुरुवार को घटाव शुरू हो गया है। वरुणा नदी के किनारे बसे नक्खी घाट शैलपुत्री मंदिर वाले क्षेत्र के करीब दर्जनभर मुहल्लों में बाढ़ का पानी अब भी लगा हुआ है। मिल्लत नगर, अंसार नगर, मीरा घाट, बगवा नाला, सिधवा घाट, ऊंतवा घाट, हिदायत नगर और दिनदयालपुर में लोगों के घरों के अंदर बाढ़ का पानी भर चुका है। उधर, शैलपुत्री इलाके में भी वरुणा नदी के किनारे रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है।