चहनिया/टांडाकला। सरकार गांवों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए लगातार कार्यक्रमों और योजनाओं का संचालन कर रही है। इसके लिए भाजपा के लोग आए दिन गांवों में चौपाल भी लगा रहे हैं लेकिन गांवों में बने पंचायत भवन पर अधिकारियों के उपलब्ध न होने से ग्रामीण परेशान है।
गांवों में बने पंचायत भवन विकास के गवाह बनने के बजाय लापरवाही की धूल फांक रहे हैं। विकास खंड के मारूफपुर, जमालपुर, मझिलेपुर, पट्टी, सरौली, टांडाकला, सोनबरसा, उतड़ी, जूड़ा हरधन, महुअर कला, रामगढ़, तारगॉव, चकिया बिहारी मिश्र, नादी, सहेपुर, गुरेरा, मजदहॉ, पलियॉ गांवों पंचायत भवन का निर्माण किया गया है। लेकिन पंचायत सचिवों और ग्राम विकास अधिकारियों के पंचायत भवन में न बैठने के कारण ग्रामीण परेशान रहते है। ग्रामीण कुटुंब रजिस्टर की नकल, जन्म और मृत्यू प्रमाण पत्र जैसे सुविधाओं के लिए ब्लाक का चक्कर लगा रहे है। वहीं रख रखाव और मरम्मत के अभाव में मिनी सचिवालय और पंचायत भवन भी जर्जर हो गए है। इस संबंध में बीडीओ विजय कुमार जायसवाल ने बताया कि ऐसी शिकायतें पहले से मेरे संज्ञान में है। ग्राम विकास अधिकारियों की कमी होने के कारण रोस्टर के आधार पर प्रत्येक पंचायत भवनों व मिनी सचिवालयों पर उनकी ड्यूटी लगायी जाएगी ताकि शासन की मंशा के अनुसार ग्रामीण समस्याओं का समाधान हो सके। इसमें लापरवाही बरतने पर कार्रवाई किया जाएगा।