वाराणसी। डीरेका सहित रेलवे की अन्य उत्पादन इकाइयों में कर्मचारियों की छटनी की तैयारी शुरू हो गई है। रेलवे बोर्ड ने कास्ट कटिंग का हवाला देते हुए उत्पादन इकाइयों के महाप्रबंधकों को स्टॉफ संख्या में 10 प्रतिशत कमी लाने की संभावना तलाशने के निर्देश दिए हैं। इसको लेकर डीरेका कर्मियों में असुरक्षा और गहरा असंतोष है।
जनरवरी के पहले सप्ताह में डीरेका ही नहीं, बल्कि चेन्नई की इंटीग्रेटेड कोच फैक्ट्री, कपूरथला की रेल कोच फैक्ट्री, रायबरेली की मॉडर्न कोच फैक्ट्री, चितरंजन लोकोमोटिव वर्क्स, बंगलूरू की रेल व्हील फैक्ट्री के महाप्रबंधकों और बेला की आरडब्ल्यूपी और पटियाला स्थित डीएमडब्ल्यू के मुख्य प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। इसमें उत्पादन इकायों के कास्ट कटिंग का हवाला देते हुए मौजूदा स्टॉफ संख्या में 10 प्रतिशत की कमी लाने के लिए कहा गया है। इसके लिए बारीकी से समीक्षा का निर्देश दिया गया है।
स्टॉफ में कमी लाने के दौरान आउटसोर्सिंग की मौजूदा संभावनाओं को भी आधार बनाने को कहा गया है। हालांकि पत्र में उत्पादन प्रभावित न होने और कर्मचारी यूनियनों से चर्चा करने की बात भी कही गई है। रेलवे बोर्ड ने 31 जनवरी तक कार्य योजना मांगी है। यही कारण रहा कि डीरेका के उत्पादन लक्ष्य में कटौती को लेकर डीरेका के कर्मचारी पहले ही विरोध कर रहे थे। रेलवे बोर्ड काफरमान आने के बाद डीरेका कर्मचारियों में गहरा असंतोष है। डीरेका में मौजूदा स्टॉफ लगभग 5941 (अधिकारियों को छोड़कर) है। इस मामले पर डीरेका के प्रशासनिक अधिकारी कुछ भी बोलने से बचते रहे।
‘रेलवे बोर्ड से आने वाले पत्र पर अंतिम फैसला महाप्रबंधक या सीएमई लेते हैं। इस मामले पर बोलने के लिए अधिकृत नही हूं’
जनार्दन सिंह, डिप्टी सीपीओ
डीरेका पर दोहरी मार
डीरेका के 350 पद रायबरेली की मॉडर्न कोच फैक्ट्री शिफ्ट होंगे। रेलवे बोर्ड ने डीएमडब्ल्यू पटियाला के 100, डीरेका के 350, चेन्ननई के आईसीएफ के 100 तथा बंगलूरू आरडब्ल्यूएफ के 100 पदों को कोच फैक्ट्री शिफ्ट करने का निर्देश दिया है। ऐसे में डीरेका के स्वीकृत पदों की संख्या में 350 पदों की कमी आ जएगी। अन्य उत्पादन इकाइयों का हाल भी यही होगा।