वाराणसी। बनारस क्लब की 1.33 एकड़ जमीन पर फैसला जल्द होने की उम्मीद है। मामले की जांच के लिए एडीएम प्रशासन एमएन उपाध्याय की अध्यक्षता में गठित कमेटी बुधवार को अंतिम बैठक करेगी। इसमें प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा क्लब के सचिव समेत पदाधिकारी भी मौजूद होंगे। सूत्रों की मानें तो क्लब को जिस शासनादेश के तहत 1.33 एकड़ जमीन पट्टे पर दी गई थी, उसकी प्रति अब तक नहीं मिल सकी है। कहा जा रहा है कि मामले का निस्तारण जिला स्तर पर न होने की स्थिति में इसे शासन को भेजा जा सकता है।
क्लब की जमीन से जुड़े कागजातों की जांच के लिए डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता में एक समिति गठित की है। क्लब के सभी कागजात समिति के कब्जे में हैं। बैनामे और पट्टे के कागजात के संबंध में निबंधन कार्यालय से रिपोर्ट मांगी गई थी। प्राथमिक जांच के बाद निबंधन ने कागजात को सही बताया है। बताया गया है कि क्लब ने 27 जून, 1935 को वाराणसी के तत्कालीन कलेक्टर से दो एकड़ जमीन की रजिस्ट्री कराई थी। इसी दिन 1.33 एकड़ जमीन का पट्टा कराया गया है। पट्टा संबंधी कागजात के मूल रिकार्ड अब तक नहीं मिला है।
निबंधन कार्यालय ने अपने रिकार्ड को खंगालने के बाद क्लब के जमीन से जुड़े कागजात को सही बताया है। हालांकि मूल दस्तावेज अब तक जांच समिति के सामने नहीं आया है।