वाराणसी। काशी में आनंद कानन कहे जाने वाले आस्था के त्रिकोण पर मंगलवार को सावन मेला फुहारों के बीच गुलजार हो गया। कांवरिया भोले भक्तों के अलावा महिलाओं, बच्चों ने सावन मेले का लुत्फ उठाया। इस मेले में आस्था के साथ मनोरंजन के अनेक रंग छा गए हैं। मानस मंदिर में विद्युत चालित पुतलियां जीवंत हो उठी हैं। मंदिर के द्वार पर राम चरित मानस की पोथी खोल कर चौपाइयां पढ़ते तुलसी दास नजर आ रहे हैं तो मंदिर के भीतर राम के जीवन से लेकर लंका दहन तक के भाव पुतलियों में साकार हो गए हैं। सीता का धरती में समाना, सूर के दोहे पढ़ना आप पुतलियों में देख सकते हैं। इसके अलावा द्रोपदी का चीरहरण, सीता स्वयंवर जैसे भावों पर आधारित झांकियां पुतलियों में सजकर मन मोह रही हैं।दुर्गाकुंड के सावन मेले में झूले, चर्खियों पर महिलाओं, युवतियों के शोर गूंजने लगे हैं।
काशी में कांवरियों की बम -बम, बैजनाथ धाम रवाना हुई टोलियां
वाराणसी। सावन के दूसरे दिन मंगलवार को भी काशी में कांवरिया शिव भक्तों की टोलियां बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए पहुंचती रहीं। यह सिलसिला पूरे सावन महीने चलेगा। दशाश्वमेध घाट पर गंगा स्नान के बाद चितरंजन पार्क के शिव शक्ति कांवरिया तीर्थयात्री सेवा शिविर में सैकड़ों कांवरियों की भीड़ लगी रही। यहां मरहम पट्टी भी की जा रही है। सुल्तानपुर, आजमगढ़, गाजीपुर के अलावा मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ से आने वाले सैकड़ों कांवरियों की टोलियां वैजनाथ धाम के लिए रवाना हो गईं। सड़कों पर जगह-जगह बोल बम के जयकारे गूंजते रहे।