वाराणसी। जिले के अधिकांश बैंकों के एटीएम में कैश की किल्लत दूर नहीं हो रही है। एटीएम में नो कैश का बोर्ड लगा है, इससे लोग परेशान हो रहे हैं। आरबीआई की ओर से नई करेंसी न भेजा जाना, मुख्य वजह मानी जा रही है। बैंकों ने 1000 करोड़ रुपये मांगे हैं। इतना कैश मिल जाए तो कुछ हद तक समस्या दूर हो जाएगी।
कैश का संकट 15-20 दिनों से बना है। बैंकों में रुपये जमा करने वालों की संख्या घटी है। लगभग सभी बैंकों के एटीएम खाली हैं। एसबीआई, यूनियन बैंक, एचडीएफसी, बैंक आफ बड़ौदा के दुर्गाकुंड, लंका, भिखारीपुर, सुंदरपुर, लहुराबीर, लहरतारा, चांदपुर रविंद्रपुरी आदि इलाकों में कई एटीएम के शटर आधा गिरे हैं। आरबीआई से 500 और 2000 की पर्याप्त नई करेंसी नहीं भेजी जा रही है। अग्रणी बैंक प्रबंधक रंजीत सिंह के मुताबिक नकदी न मिलने से समस्या बनी हुई है। आरबीआई की ओर से 1000 करोड़ रुपये मिले तब जाकर कुछ हद तक समस्या दूर होगी। इसके लिए पत्र व्यवहार किया जा रहा है। बताया कि जिनके पास नई करेंसी है, वह जमा भी नहीं कर रहे हैं, जिससे कि संकट कम हो।