सोनभद्र (अनपरा)। बारह सौ मेगावाट वाली लैंको परियोजना की कोयला संकट के चलते तीन सप्ताह से बंद चल रही छह सौ मेगावाट वाली पहली इकाई शनिवार की सुबह 8.10 पर उत्पादन पर ले ली गई। दोपहर तक परियोजना का उत्पादन पांच सौ मेगावाट से बढ़कर 11 सौ मेगावाट के करीब पहुंच गया। उधर, टरबाइन कंपन के चलते बंद की गई अनपरा परियोजना की पांच सौ मेगावाट वाली पांचवीं इकाई को तीन सप्ताह के लिए अनुरक्षण पर ले लिया गया है। अब इस इकाई को 24 जून को उत्पादन पर आने की उम्मीद जताई जा रही है।
अनपरा की बिजली प्रदेश में सबसे सस्ती है। इस कारण पावर कारपोरेशन का अनपरा की अनपरा और लैंको दोनों परियोजनाओं से ज्यादा से ज्यादा विद्युत उत्पादन लिए जाने पर जोर बना रहता है। इधर, पिछले माह से कोयला संकट के चलते लैंको की छह सौ मेगावाट वाली पहली इकाई बंद चल रही थी। इसके उत्पादन पर आने से पूर्व अनपरा की पांच सौ मेगावाट वाली पांचवीं इकाई बंद हो गई। इसके चलते सस्ती बिजली में 11 सौ मेगावाट की कमी ने शक्ति भवन तक खलबली मचा दी। स्थिति को देखते हुए, लैंको की बंद चल रही छह सौ मेगावाट वाली पहली इकाई शनिवार की सुबह उत्पादन पर ले ली गई। लैंको यूनिट हेड संदीप गोस्वामी ने बताया कि परियोजना की दोनों इकाइयों से करीब-करीब पूरी क्षमता से उत्पादन शुरू कर दिया गया है। वहीं जीएम अनपरा एके सिंह का कहना था कि पांचवीं इकाई को छोड़ शेष सभी इकाइयों से उत्पादन जारी है। उत्पादन बेहतर बना रहे, इसके लिए प्रयास बना हुआ है।