वाराणसी। मार्कंडेय महादेव स्थित गंगा-गोमती संगम को आध्यात्मिक व मनोरंजक पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए राज्य सरकार ने 18 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इसको लेकर निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। इसके विकसित हो जाने के बाद जहां श्रद्धालुओं को कई सहूलियतें मिलेंगी, वहीं पर्यटन के नए अवसर खुलेंगे। साल के अंत तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
18 करोड़ रुपये की परियोजना में 11 करोड़ रुपये से संगम तट पर पक्के घाट का निर्माण होना है। वहीं पांच करोड़ रुपये से मार्कंडेय महादेव पर पहले से बने घाट का दोनों तरफ विस्तार किया जाना है। इसके साथ ही यहां आने वाले लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बैठने, ठहरने, चेंजिंग रूम, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, पेयजल आदि की व्यवस्था की जानी है। 2017 में प्रसाद योजना के तहत पांच करोड़ की लागत से मार्कंडेय महादेव पर घाट बनाया जा चुका है। इसका लोकार्पण पीएम ने किया था। राज्य सरकार से मिले फंड का इस्तेमाल इस घाट के विस्तार में भी किया जा रहा है। सिंचाई विभाग इस कार्य को करा रहा है। यहां पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। वाटर स्पोर्ट्स के अलावा रिसॉर्ट आदि खोलने पर भी मंथन किया जा रहा है। आधिकारिक सूत्रों की मानें जीव अभयारण्य बनाने के लिए भी प्रयास किया जा रहा है।