वाराणसी। बीएचयू महिला महाविद्यालय का पुरातन छात्रा सम्मेलन शनिवार को धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान जहां छात्राओं ने लजीज व्यंजनों के स्आल लगाए और खेल से जुड़ी प्रतियोगिताओं और रंगारंग प्रस्तुतियों से सम्मेलन को यादगार बनाया। इससे पहले प्रो. सावित्री जरवाल ने छात्राओं को बधाई देते हुए अधिकारों के लिए आगे आने का आह्वान किया।
डॉ. ज्योत्सना श्रीवास्तव की देखरेख में आयोजित सांस्कृतिक संध्या में प्रो. ऋचा कुमार ने ठुमरी रसिया तोरे कारण ब्रज में भई बदनाम से गायन की शुरुआत की। इसके बाद ऐसी होली न खेलो कन्हाई रे... और सैंया निकस गए मै ना लड़ी थी... गीत की प्रस्तुति कर सभी को थिरकने पर मजबूर कर दिया। कॉलेज की छात्राओं ने बंगाली लोकगीत पर समूह नृत्य प्रस्तुत कर सभी की तालियां बटोरी। आर्टिटिस्टक जिमनास्टिक कार्यक्रम के आकर्षण का केंद्र रहा। इससे पहले आयोजित संगोष्ठी में अतिथियों का स्वागत प्रो. विभारानी दूबे ने किया। अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रो. चंद्रकला त्रिपाठी ने छात्राओं को जीवन में सफलता से जुड़ी बारीकियां बताई। कार्यक्रम संचालन डॉ. मिताली देव, धन्यवाद ज्ञापन डॉ. शची सिंह ने किया।