वाराणसी। महाशिवरात्रि पर निकलने वाली पंचक्रोशी परिक्रमा को श्रद्धालुओं ने 24 घंटे की यात्रा में पूर्ण किया। मणिकर्णिका तीर्थ से संकल्प के साथ शुरू हुई यात्रा बाबा विश्वनाथ के दरबार में पहुंचकर समाप्त हुई। शिवभक्तों की राह में पड़ने वाले उबड़-खाबड़ रास्ते भी उनकी श्रद्धा के उल्लास को कम नहीं कर सके। क्षतिग्रस्त सड़कों से गुजरते हुए सभी पंचक्रोशी परिक्रमा पथ के यात्री बाबा दरबार पहुंचे और यात्रा को विराम दिया।
रविवार की अर्द्धरात्रि से सोमवार देर रात तक पंचक्रोशी यात्रा अनवरत चलती रही। हर-हर महादेव का जयघोष करते हुए तीर्थयात्री पहले पड़ाव कंदवा से आशीष लेकर शक्ति के धाम भीमाचंडी पहुंचे। इसके आगे तीसरे पड़ाव पर भगवान राम और शिव की मिलन स्थली रामेश्वर पहुंचकर विश्राम के बाद आगे रवाना हुए। चौथे पड़ाव पांचो पंडवा और पांचवें पड़ाव कपिलधारा में दर्शन-पूजन के उपरांत बाबा के दरबार पहुंचे। अर्दली बाजार से सरायमोहाना की पंचक्रोशी यात्रा कठिनाई भरी रही। पांडेयपुर पुलिस चौकी पास सड़क पर ही गिट्टी डालकर छोड़ दिया गया है। नई बस्ती सोनातालाब में मेन रोड क्षतिग्रस्त होकर बड़े-बड़े गड्ढे बने थे।