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युवाओं के कौशल विकास पर जोर देने की जरूरत

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वाराणसी। बीएचयू सामाजिक विज्ञान संकाय के पॉलिटिकल डिस्कशन क्लब की ओर से कराए जा रहे प्रवासी भारतीय युवा संसद के पहले दिन वक्ताओं ने युवाओं का समाज, देश के विकास में योगदान, कौशल विकास, स्टार्ट अप आदि विषयों पर चर्चा की। इस दौरान बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश के राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने युवाओं को कौशल विकास से जुड़े रहने का आह्वान किया।
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कला संकाय सभागार में तीन दिवसीय युवा संसद के पहले दिन डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि कौशल विकास के माध्यम से सरकार द्वारा न केवल युवाओं को स्वावलंबी बनाया जा रहा है बल्कि उन्हें स्टार्ट अप से स्वरोजगार के प्रति प्रेरित भी किया जा रहा है। मुख्य वक्ता भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि अब समय आ गया है जब युवाओं को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। प्रो. कौशल किशोर मिश्र ने देश के विकास में युवाओं की भूमिका को अहम बताते हुए कहा कि यह दुखद है कि अधिकांश युवा एक दूसरे द्वारा खींची गई लकीर को मिटाने में लगे हैं जबकि उन्हें नई लकीर बनाने पर ध्यान देना चाहिए। अशोक पांडेय ने पिछले दिनों जेएनयू कैंपस में आजादी को लेकर लगाए गए नारे की चर्चा करते हुए कहा कि ऐसे लोगों को मुंहतोड़ जवाब देना होगा। कार्यक्रम में सामाजिक विज्ञान संकाय प्रमुख प्रो. आरपी पाठक, विधि अधिकारी अभय पांडेय, शिवम पांडेय, पवन सिंह, प्रभात मिश्र, आशुतोष, दीपक राजपूत आदि मौजूद रहे। तीन दिवसीय संसद का समापन समापरोह 27 जनवरी को मनाया जाएगा, जिसके मुख्य अतिथि बीएचयू के कुलाधिपति जस्टिस गिरधर मालवीय होंगे।
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