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भगवान बुद्ध की उपदेश स्थली पहुंचे मॉरीशस के पीएम

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सारनाथ। मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जुगनाथ पत्नी और अतिथियों के साथ बुधवार दोपहर करीब 12.30 बजे सारनाथ भ्रमण करने पहुंचे। पुरातात्विक खंडहर परिषद के गेट पर अधीक्षक पुरातत्वविद् डॉ. नीरज सिन्हा ने उनका स्वागत किया और सभी पवित्र स्थानों के बारे में जानकारी दी।
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जुगनाथ ने अशोक स्तंभ, मूलगंज कुटी विहार (जहां भगवान बुद्ध ने बैठकर वर्षा वास बिताया था) देखा। पवित्र धमेख स्तूप की परिक्रमा की और डॉ. सिन्हा से धमेख स्तूप पर पड़ रहे काले धब्बों के बारे में पूछा। वीआईपी गेट पर महाबोधि सोसायटी ऑफ इंडिया के संयुक्त सचिव के मेधाकर थेरो ने खाता पहनाकर उनका अभिनंदन किया। इसके बाद जुगनाथ श्रीलंकन मंदिर के प्रांगण से होते हुए वन विभाग के चिड़ियाघर गए। प्रधानमंत्री का समूह हिरण के बाड़े के पास रुका। कर्मचारी के मुंह से आओ, आओ शब्द सुन प्रधानमंत्री प्रविंद ने पथ प्रदर्शक पंकज सिंह से इसके बारे में पूछा। वहां से निकलने के बाद मूलगंध कुटी विहार मंदिर के पास प्रवासी भारतीयों के समूह से बात की। मलेशिया के मानिकम ने उन्हें बताया कि हम सब मलेशिया से हैं। मूलगंध कुटी विहार मंदिर के गेट से लगभग 1.10 बजे प्रधानमंत्री होटल ताज के लिए रवाना हो गए। बुधवार को 500 से ज्यादा अतिथि टेंट सिटी से सारनाथ पहुंचे।
दुबई से आए 350 प्रवासी भारतीयों ने एक साथ ‘ ये देश है वीर जवानों का, अलबेलों का मस्तानों का’ गीत गाकर अपनी भावनाएं प्रस्तुत की। सिंगापुर से आए बालाजी वीरेंद्र कार्तिक ने भी काशी आतिथ्य को सराहा। साउथ अफ्रीका की शोभा मोहन ने भी काशी को अद्भुत बताया। डॉ. अरुण गोयल ने कहा कि सारनाथ आकर बहुत खुशी मिली। मलयेशिया के मुरली कृष्णन ने कहा कि हम लोग यूपी के बारे में नकारात्मक सोच लेकर चल रहे थे, लेकिन यहां के लोगों ने इतना प्यार दिया कि हम यहां के कायल बन गए।
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मलयेशिया और दुबई के के दल समेत करीब 500 प्रवासी बुधवार को रामनगर किले का संग्रहालय देखने पहुंचे। उन्होंने किला परिसर में सेल्फी और ग्रुप फोटो लीं। तंजौर तमिलनाडु मूल के रामास्वामी मनीकम मलयेशिया पब्लिक सर्विस कमीशन में सदस्य है। मलयेशिया रेडियो में काम करने वाली विजय लक्ष्मी गुप्ता मालवा बंगाल की रहने वाली है। तमिलनाडु के आनंद राजू मानव संसाधन कार्यकर्ता के रूप में मलयेशिया में काम कर रहे है। इन सभी ने कहा कि किले का वातावरण बेहद अच्छा लगा। दुबई में एयरपोर्ट पर कार्यरत त्रिचूर केरल के राजीव और सॉफ्टवेयर इंजीनियर विनेश तांबी को भी किले का शस्त्रागार बेहद अच्छा लगा। उधर, काशी राज के प्रतिनिधि अनंत नारायण सिंह के निर्देश पर उनके लिए म्यूजियम का टिकट फ्री कर दिया गया।
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