वाराणसी। आईआईटी बीएचयू के छात्र अब डिजिटल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नए सिरे से शोध कर सकेंगे। इसके लिए संस्थान में शुक्रवार को सिस्को थिंक्यूबेटर कार्यक्रम की लांचिंग की गई। इसके माध्यम से छात्र-छात्राओं को डिजिटलाइजेशन के क्षेत्र में होने वाले बदलाव, इससे जुड़ी समस्याओं का समाधान जानने में सहायता मिलेगी।
संस्थान के मालवीय सेंटर फॉर इनोवेशन, इन्क्यूबेशन एंड इंटरप्रेन्योरशिप(एमसीआईईई) में शुक्रवार को निदेशक प्रो. प्रमोद कुमार जैन ने कार्यक्रम की लांचिंग की। एमसीआईईई के कोआर्डिनेटर प्रो. पीके मिश्र ने बताया कि सिस्को थिंक्यूबेटर मेकर्स स्पेस कार्यक्रम दो वार्षिक कोहाटर्स में चलेगा। एक कोहोर्ट (समूह) में 60 इनोवेर्टस छात्रों को शामिल किया जाएगा। इसके तहत चयनित छात्र डिजिटल तकनी के बारे में अपने विचार दे सकेंगे। बताया कि नैसकॉम फाउंडेशन और प्रोजेक्ट डीईएफवाई और एलआई टू तकनीकी जैसे भागीदारों के साथ मिलकर शुरू किया गया है, जो संस्थान और सिस्को द्वारा एक वर्ष के लिए चलेगा। सिस्को (सेल्स) के उपाध्यक्ष विश अय्यर ने बताया कि इससे अधिक से अधिक स्टार्ट अप निकालने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में नैसकॉम फाउंडेशन के उपाध्यक्ष संतोष अब्राहम, सिस्को के उपाध्यक्ष (डेवलपमेंट) योगेश पांडेय आदि मौजूद रहे।