वाराणसी। शहर की सबसे बड़ी समस्या जाम से निपटने के लिए यातायात के विकल्पों पर चर्चा की गई और विशेषज्ञों ने विकल्पों के बिना जाम के समाधान को मुश्किल बताया। वर्ल्ड रिसोर्स इंस्टीट्यूट (डब्ल्यूआरआई) और अर्बन डेवलपमेंट एक्सपर्ट्स के प्रस्तुतीकरण में सड़कों से मिश्रित यातायात को अलग करने और पैदल यात्रियों के लिए अगल पथ तैयार करने का सुझाव दिया गया। इसके अलावा गंगा और वरुणा को जोड़कर जल परिवहन की नई समानांतर व्यवस्था पर विचार विमर्श किया गया।
यातायात व्यवस्था में सुधार की संभावनाएं तलाशने के लिए बुधवार को दो दिवसीय कार्यशाला शुरू हुई। इसमें अर्बन डेवलपमेंट एक्सपर्ट केशव वर्मा ने ट्रैफिक की र्दु्व्यवस्था के समाधान के लिए अर्बन ग्रोथ के दवाब से निपटने की जरूरत पर विचार करने का सुझाव दिया। कहा कि हर साल लाखों नई गाडि़यां आ रही हैं, उनके दबाव से निपटने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट के बेहतर विकल्प विकसित किए जाएं। पैदल चलने वालों के लिए आरक्षित मार्ग की व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने ट्रैफिक को सुचारु करने के लिए यातायात विभाग से हॉट स्पॉट चिह्नित करने एवं फैंटम दस्ते की सक्रियता बढ़ाने का सुझाव दिया। डब्ल्यूआरआई के सीईओ ओपी अग्रवाल ने कहा कि बनारस के मिक्सड ट्रैफिक को ठीक करने के लिए सही ट्रैफिक मैनेजमेंट विकसित करने की जरूरत है। गाडि़यों की जगह आदमियों को मूव कराना यातायात विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए। ज्यादा लोगों को ले जाने वाले वाहनों को विकल्प के रूप में देखें। सड़कों पर इंजन, बिना इंजन, हाई स्पीड वाहनों के लिए अलग अलग मार्ग का भी सुझाव दिया गया।
कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने बताया कि वरुणा और गंगा को जोड़कर जल परिवहन की नई समानांतर व्यवस्था विकसित करने की संभावना तलाशी जा रही है। जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन सभी संबंधित विभागों और नागरिकों के सुझावों के आधार पर समन्वित तरीके से सुधार कर रहा है, परन्तु स्थितियां बहुत अनुकूल नहीं हो पाई हैं। जल परिवहन की संभावनाओं पर चर्चा करते हुए कहा कि इससे गंगा किनारे घूमने वाली आबादी और पर्यटकों से शहर के ट्रैफिक के बोझ को कम किया जा सकेगा। कार्यशाला में आईजी विजय सिंह मीणा, एसएसपी आनंद कुलकर्णी, नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल, वीडीए उपाध्यक्ष राजेश कुमार, सीडीओ गोरांग राठी और एसपी ट्रैफिक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
मेट्रो की संभावनाओं पर चर्चा आज
कार्यशाला में बृहस्पतिवार को मेट्रो की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा मेट्रो के विकल्प और यातायात के अन्य विकल्पों पर सुझाव दिए जाएंगे।