रामनगर। रामनगर की विश्व प्रसिद्ध रामलीला की तैयारियां शुरू हो गई हैं। रामलीला को निर्विघभन संपन्न कराने के लिए बुधवार को चौक स्थित रामलीला पक्की पर गणेश पूजन हुआ। इसके साथ ही रामचरित मानस का सस्वर पाठ किया गया। रामलीला मंचन की शुरुआत 23 सितंबर से होगी।
विश्व प्रसिद्ध श्री रामलीला के पहले गणेश पूजन किया जाता है। हालांकि इसमें राज परिवार से जुड़े लोग भाग नहीं लेते हैं। बुधवार को रामलीला अधिकारी डॉ. जे पी पाठक की देखरेख में द्वितीय गणेश पूजन किया गया। रामलीला के व्यास पंडित लक्ष्मी नारायण पांडेय के आचार्यत्व में श्री रामचरित मानस और हनुमान जी के मुखौटे की पूजा के बाद मंत्रोचार के साथ भगवान गणेश के मुखौटे की पूजा की गई। इसके बाद रामलीला के प्रमुख पांच स्वरूपों श्रीराम, जानकी जी, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न को माला पहना कर आसन पर विराजमान किया गया। रामचरित मानस के बालकांड के एक से सात दोहों तक सस्वर पाठ किया गया। रामलीला मे बालकांड के 175 दोहों का मंचन नहीं होता है। इसका पाठ चौक स्थित पक्की रामायणियों के दल द्वारा किया जाता है। यह कार्यक्रम 22 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान रामलीला के प्रमुख पात्रों प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। गणेश पूजन में पंडित लक्ष्मी नारायण पांडेय, जे पी पाठक शांत नारायण पांडेय, ह्रदय नारायण, रजनीश पांडेय, रमेश पांडेय, संपत राम, व्यास रघुनाथ दत्त, अजय पांडेय के साथ काफी श्रद्धालु मौजूद रहे।