लोहता (वाराणसी)। किसान न्याय मोर्चा के बैनर तले कई गांव के किसानों उचित मुआवजे के लिए हुंकार भरी। पूर्व माध्यमिक विद्यालय लोहरापुर के परिसर में आयोजित बैठक में किसानों ने कहा कि जब तक जमीन का वर्तमान सर्किल रेट का चार गुना मुआवजे का भुगतान नहीं मिलेगा तब तक अपनी जमीन पर रिंग रोड के कार्य नहीं होने देंगे।
सरकार ने वर्षों पूर्व वाराणसी जनपद में रिंग रोड परियोजना में किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया गया था। कुछ दिनों पूर्व रिंग रोड परियोजना फेस दो के निर्माण कार्य को अमली जामा पहनाने के लिए 27 गांवों के किसानों को सूचना (नोटिस) भेज कर मनमानी दर पर मुआवजा देने के पत्र पाकर किसानों में काफी आक्रोश है। किसान न्याय मोर्चा के बैनर तले कई संगठनों के पदाधिकारियों ने किसानों के साथ सरकार से लड़ाई लड़ने कि बात कही। वक्ताओं ने कहा कि लोकतंत्र में सरकारें जनता के हितों के लिए जनता द्वारा चुनी जाती है। किसानों की उपजाऊ जमीन का अधिग्रहण करके मनमाने दर पर भुगतान देकर किसानों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। इसका खामियाजा सरकार को आने वाले समय में भुगतना होगा। इसके लिए जन आंदोलन का एलान किया। बैठक में किसान न्याय मोर्चा के संयोजक महेंद्र यादव, अवधेश सिंह सारथी, विनय शंकर राय मुन्ना, जयराम पांडेय, पवन पांडेय दुर्गा प्रसाद वर्मा ने किसानों को संबोधित किया। इस मौके पर रमापति यादव, योगी राज पटेल, राकेश पांडेय, बसंत पटेल, कमला यादव सहित सैकड़ों किसान बैठक में शामिल रहे। बैठकर की अध्यक्षता रविशंकर पटेल और संचालन अशोक प्रजाति ने किया।