वाराणसी। विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर योजना के तहत हो रहे ध्वस्तीकरण के विरोध में शनिवार को दुकानदारों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। शनिवार को विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र की दुकानें बंद रहीं। इससे दूर दराज से आने वाले श्रद्घालुओं को काफी परेशानी हुई। लोंगों को पूजापाठ की सामग्री के लिए भटकना पड़ा। वहीं, विरोध में एक मौन जुलूस निकाला गया।
मंदिर के ध्वस्तीकरण के विरोध में शनिवार को डेढ़सीपुल, विश्वनाथ गली, सरस्वती फाटक, कोतवालपुरा, ढुंढिराज गणेश सहित रेड जोन एरिया सहित पूरे परिक्षेत्र की माला-फूल, प्रसाद, यहां तक कि चाय-पान की दुकानें भी बंद रहीं। दोपहर 12 बजे कोतवालपुरा में सैकड़ों व्यापारी एकजुट हुए और विश्वनाथ गली व्यावसायिक संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले विश्वनाथ मंदिर प्रशासन के खिलाफ मौन जुलूस निकाला। मुंह पर काली पट्टी बांध कर सैकड़ों व्यापारियों ने कोतवालपुरा से जुलूस शुरू किया जो बांसफाटक, चौक, खोआ गली, सरस्वती फाटक, त्रिपुरा भैरवी, डेढ़सीपुल, विश्वनाथ गली होते हुए ब्रह्मपुरी पर समाप्त हुआ।
व्यापारियों ने बताया कि विस्तारीकरण के नाम पर प्रशासन बिना वार्ता किए ही दुकान खाली कराने के लिए धमकी भी दे रहा है। जबकि दुकानदारों ने कहा अगर हमारी मांगे नहीं मानी गईं और दुकानों के बदले दुकान नहीं दी गईं तो वे इससे बड़ा आंदोलन करेंगे। मौन जुलूस में मुख्य रूप से नवीन गिरी, मुन्ना पाठक, राजनाथ तिवारी, कन्हैया त्रिपाठी, सोनालाल सेठ, अक्षयलाल पांडेय, लल्लन मिश्रा, रमेश तिवारी, दिलीप यादव, मुन्ना रस्तोगी सहित सैकड़ों व्यापारी मौजूद रहे।