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लोक अदालत में 1124 मामलों का निस्तारण

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ज्ञानपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से दीवानी न्यायालय परिसर में शनिवार को लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें 1124 मामलों का निस्तारण करने के साथ 61.94 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। लोक अदालत में 60,500 रुपये स्टांप शुल्क और 65,691 रुपये मोटर दुर्घटना प्रतिकर के मामलों में मृतकों के आश्रितों और घायलों को क्षतिपूर्ति के रूप में प्रदान किए गए। साथ ही बैंक प्री-लिटिगेशन के तहत 01 करोड़, 71 लाख, 871 रुपये समझौता राशि के रूप में निर्धारित किए गए।
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लोक अदालत में अपर जिला जज (द्वितीय) प्रभाकर राव ने सुनवाई करते हुए अपराध के दो, सिविल के 16 और विद्युत के 28 मामलों में 2,48,200 रुपये अर्थदंड लगाया। पारिवारिक मामलों की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश परिवार न्यायालय अंगद प्रसाद ने 36 वादों का निस्तारण मौके पर किया। अपर जिला जज फास्ट ट्रैक कोर्ट मृदुल कुमार मिश्र ने आपराधिक के तीन और मोटर दुर्घटना के चार मामलों का निस्तारण करते हुए पीड़ितों को 65 हजार 691 रुपये की क्षतिपूर्ति दिलाई। अपर जिला जज फास्ट ट्रैक कोर्ट अशोक कुमार दिवेदी ने आपराधिक के तीन मामलों का निस्तारण करते हुए पांच सौ रुपये का अर्थदंड लगाया। सीजेएम संजीव कुमार सिंह ने आपराधिक के 172 मामलों का निस्तारण करते हुए 20940 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। सिविल जज सीडी डॉ. सत्यवान सिंह ने व्यावहारिक वाद के पांच मामलों का निपटारा किया।
एसीजीएम प्रवीण कुमार पांडेय ने आपराधिक के 43 वादों का निपटारा करते हुए 8350 रुपये का अर्थदंड लगाया। एसीजीएम द्वितीय कमलकांत श्रीवास्तव ने आपराधिक के 62 मामलों का निस्तारण करते हुए पांच हजार 850 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। इसी प्रकार सिविल जज सीनियर डिवीजन चंद्रमोहन मिश्र ने सिविल के तीन मामलों, सिविल जज फास्ट कोर्ट पूर्णिमा सागर ने दीवानी के आठ मामले और आशुतोष कुमार ने 13 मामलों का निस्तारण किया। इसी प्रकार स्टांप के वादों का निपटारा करते हुए सहायक आयुक्त स्टांप ने दो मामलों का निस्तारण कर 60500 रुपये अर्थदंड वसूलने का आदेश दिया।
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एसडीएम भदोही ने आपराधिक के 125, एसडीएम ज्ञानपुर ने 220 और एसडीएम औराई ने 66 मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया। इसी प्रकार तीनों तहसीलों में लंबित कुल 40 वादों का निपटारा तहसीलदारों ने किया। इस दौरान बैंकों के एनपीए खातों के बैंक लोन रिकवरी के लिए परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश अंगद कुमार की अध्यक्षता में गठित पीठ ने 269 मामलों की सुनवाई करते हुए एक करोड़ 71 लाख 8 सौ 71 रुपये बकाएदारों को बैंक में जमा कराने का आदेश दिया।
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