वाराणसी। जानेमाने रंग मंडल रूपवाणी ने एक बार फिर बनारस की नाट्य संस्कृति का ध्वज राष्ट्रीय पटल पर फहरा दिया है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र की ओर से आयोजित लोक गाथा उत्सव में मशहूर गायकों मोहित चौहान और हंसराज हंस के साथ रामचरितमानस की पंक्तियों पर आधारित नाटक ‘चित्रकूट’ का यादगार मंचन बृहस्पतिवार की रात दिल्ली में मुक्ताकाशीय मंच पर किया गया। इसमें हजारों की तादाद में दर्शक पहुंचे। ‘चित्रकूट’ बनारस की रामलीलाओं पर आधारित घंटे भर का संगीतमय नाटक है।
रामचरित मानस पर आधारित ‘चित्रकूट’ नाटक की प्रस्तुति को लोक और शास्त्रीय संगीत की धुनों के फ्यूजन ने मोहक बना दिया। रंग विन्यास और खास मंच सज्जा के साथ इस नाटक में राम और लक्ष्मण समेत कई पुरुष पात्रों की भूमिकाएं महिला कलाकारों ने की। पिछले 23 दिसंबर को जबलपुर में एक अंतरराष्ट्रीय समारोह में हुए पहले मंचन के बाद से अब तक इसके सात सफल प्रदर्शन हो चुके हैं । आने वाले दिनों में इस नाटक की कुछ और प्रस्तुतियां देश के अलग अलग हिस्सों में होने वाली हैं । रूपवाणी के निदेशक व्योमेश शुक्ल ने बताया कि इस रंगमंडल की संस्थापिका उनकी मां डॉ.शकुंतला शुक्ला के निधन के 13वें दिन अचानक इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र की ओर से नाट्य प्रस्तुति के लिए आमंत्रण मिला। ऐसी घड़ी में आनन-फानन में नाट्य कलाकारों की टीम दिल्ली रवाना की गई। साहस और धैर्य के बीच कलाकारों ने सफल प्रस्तुति से सराहना बटोरी।