वाराणसी। रमजान के पहले रोजे पर मंगलवार को रोजेदारों का हुजूम मस्जिदों में उमड़ पड़ा। इस दौरान मुबारक महीने की पूरी रौनक शहर के मुस्लिम बाहुल इलाकों में देखने को मिली। बड़ी संख्या में रोजेदार करीब पंद्रह घंटे तक भूख, प्यास और गर्मी को बर्दाश्त करते हुए इबादत करते रहे। सूरज डूबने के साथ ही मस्जिदों से अजान की आवाज आनी शुरू हो गई। इसके बाद लोगों ने खजूर और पानी के साथ इफ्तार किया। उधर मस्जिदों में नमाज अदा कर मुल्क के लिए अमन चैन की दुआ मांगी गई।
मुस्लिम इलाकों में रमजान के पहले दिन से ही चहल-पहल देखने को मिली। इफ्तार करने के बाद चाय-पान की दुकानों पर रोजेदार पहुंचे। जबकि खजूर, सेवई, फल, मेवा आदि की दुकानों पर भीड़ लगी रही। इशा की नमाज के बाद तरावीह पढ़ने के लिए लोग मस्जिदों में पहुंचे। शहर में लाखों मुसलमानों ने रमजान का इस्तकबाल पूरे जोश से किया। सभी ने रोजा खोलने के लिए अपने मनपसंद के सामान खरीदा। उधर शिया मस्जिदों में इफ्तार के बाद मजलिसों का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता सैयद फरमान हैदर ने बताया कि शहर में लोग तरावीह की नमाज अदा करने के लिए घंटों इबादत में शामिल रहते हैं। बताया कि ये साल मौला अली की शहादत के 1400 साल पूरा होने पर पूरे महीने उनका गम मजलिसों और मातम के जरिए मनाया जाएगा।