वाराणसी। स्मार्ट सिटी योजना के तहत सिगरा के शहीद उद्यान में स्थापित सिटी कमांड कंट्रोल से जुड़े प्रमुख चौराहों पर लगे सीसी कैमरे रात होते ही बंद हो जाते हैं। ऐसा ट्रैफिक लाइट बंद किए जाने और सीसी कैमरे ट्रैफिक लाइट से जुड़े होने के कारण होता है। इन कैमरों की तस्वीरों की गुणवत्ता भी बेहद खराब है। इसके अलावा एयर क्वालिटी इंडेक्स के आंकड़ों में भी गड़बड़ियां मिली हैं। कई दिनों तक एक ही आंकड़े प्रदर्शित किए जा रहे हैं।
स्मार्ट सिटी योजना के तहत करीब 154 करोड़ से सिटी कमांड कंट्रोल सेंटर बनाया गया है। गुजरात की कंपनी शापूरजी-पालोनजी ने इसका निर्माण किया है। नगर निगम से करार के मुताबिक पांच साल तक कंपनी इसकी देखरेख व मेंटेनेंस करेगी, उसके बाद इसे किसी दूसरे संस्था को हस्तांतरित किया जाएगा। प्रोजेक्ट के तहत शहर की ट्रैफि क सिस्टम का स्मार्ट तरीके से संचालन करना है, लेकिन संचालन में अभी से ही खामियां आने लगी हैं। यही नहीं अभी तक वहां बैठने वाले पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित भी नहीं किया गया है। मामला संज्ञान में आने के बाद अधिकारियों ने व्यवस्था सुधारने के सख्त निर्देश दिए हैं।
कमांड कंट्रोल सिस्टम के समय सिटी कमांड कंट्रोल संचालित कर रही कंपनी के अधिकारियों ने कहा था कि 40 दिन के भीतर ट्रैफि क, नगर निगम, पुलिस व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को प्रशिक्षित कर दिया जाएगा। सूत्र बताते हैं कि यह अभी तक संभव नहीं हो पाया है।
अपर नगर आयुक्त अजय कुमार सिंह ने बताया कि सभी को जिम्मेदारियां सौंप कर प्रशिक्षित किया जा रहा है। कूड़ा निस्तारण की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जा रही है। प्रदूषण आदि का डाटा भी मिल रहा है। रात में सिस्टम बंद होने के मामले की जांच कराई जाएगी। ट्रैफिक व पुलिस विभाग अपनी जिम्मेदारी समझे और ट्रेनिंग लेकर 24 घंटे ऑनलाइन मॉनीटरिंग करें। ताकि सिटी कमांड कंट्रोल का मकसद पूरा हो सके।
कमिश्नर दीपक अग्रवाल के संज्ञान में मामला आने पर उन्होंने नाराजगी जताई। साथ ही उन्होंने बकाया भुगतान रोकने का अल्टीमेटम दिया है। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने जिम्मेदारों से रिपोर्ट भी तलब की है। कार्यदायी संस्था के कर्मियों को फटकार लगाते हुए व्यवस्था तत्काल प्रभाव से दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।