वाराणसी। बीएचयू के दृश्य कला संकाय का प्रांगण गुरुवार को कलात्मक अभिव्यक्तियों का साक्षी बना। वार्षिक कला प्रदर्शनी एवं कला मेले में छात्र-छात्राओं की कलात्मकता ने हर आगंतुक को अपनी तरफ खींच रहा था। चित्र प्रदर्शनी हो, कला प्रदर्शनी या सजावटी सामानों का स्टाल, वुडकार्विंग के कलात्मक कार्यों के प्रदर्शन ने विद्यार्थियों की कलात्मकता के नए आयाम पूरे प्रांगण में बिखेर दिए।
कला प्रदर्शनी एवं कला मेला का शुभारंभ कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने दीप प्रज्जवलित कर किया। कला मेला मेें ग्रीटिंग कार्ड, मुखौटे, पेन स्टैंड, घरेलू साज सज्जा से संबंधित आर्ट एंड क्राफ्ट मैटेरियल, टेराकोटा से बने खिलौने, सजावटी सामान, टेक्सटाइल डिजाइन द्वारा बनाए गए शाल, रूमाल, दुपट्टे इत्यादि पाटरी सिरामिक द्वारा बनाए गए कप, प्लेट आदि का प्रदर्शन किया गया। इंस्टालेशन आर्ट भी हर किसी के आकर्षण का केंद्र रहा। संकाय की वार्षिक कला प्रदर्शनी में चित्रकला, मूर्तिकला, पाटरी सिरामिक, टेक्सटाइल डिजाइन, प्रिंट मेकिंग, फोटोग्राफी, म्युरल एवं व्यावहारिक कला विभाग के कार्यों का प्रदर्शन अहिवासी कला वीथिका एवं महामना कला वीथिका में किया गया। इस अवसर पर प्रो. दीप्ति प्रकाश मोहंती, प्रो. अंजन चक्रवर्ती, प्रो. हीरालाल प्रजापति, डॉ. शांति स्वरूप सिन्हा, के सुरेश कुमार, डॉ. उत्तमा दीक्षित, डॉ. जसमिंदर कौर, नितिन दत्त, डॉ. ब्रह्मस्वरूप, डॉ. संतोष कुमार, विजय सिंह आदि मौजूद रहे।