वाराणसी। बीएचयू राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई घ के सात दिवसीय शिविर के पांचवें दिन स्वयंसेवकों को हस्तकला उद्योगों से जुड़ी जानकारी दी गई। बीएचयू दृश्य कला संकाय की डॉ. जसमिंदर कौर ने हस्तकला उद्योग को बढ़ावा देने और बनारस की प्राचीन बुनकरी कला को बचाए रखने के लिए स्वयंसेवकों से आगे आने का आह्वान किया।
प्राथमिक विद्यालय जंगमपुर में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. दीपाली यादव के निर्देशन में चल रहे शिविर में डॉ. जसविंदर कौर ने बनुकरी कला में बनारसी साड़ी के विलुप्त होते जा रहे प्रचलन पर स्वयंसेवकों को जागरूक करते हुए इसको बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने हस्तकला वस्त्र उद्योग द्वारा लोगों को मिलने वाले रोजगार की जानकारी देने के साथ ही स्वयंसेवकों को टाई एवं डाई की प्रक्रिया बताई। इसके बाद स्वयंसेवकों ने अपने -अपने कपड़ों पर टाई एवं डाई प्रक्रिया का प्रयोग किया। इस दौरान शिवम, अंशिका ,सीमांकन, सूरज ,पुनीत, आनन्द, पूजा, प्रियंका, वैभव आदि मौजूद रहे।