वाराणसी। काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र को हेरिटेज के रूप में विकसित किया जा रहा है। कार्य पूरा होने के बाद इसे हेरिटेज जोन घोषित कर दिया जाएगा। यह घोषणा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीएचयू में आयोजित कार्यक्रम में की।
उन्होंने कहा- 41 प्राचीन मंदिरों को पुनर्जीवित कर पूजा अर्चना कराई जाएगी। मंदिर परिक्षेत्र के विकास के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। कुछ समय बाद यह काशी को नई पहचान देगा।
मुख्यमंत्री ने कहा- काशी की पहचान बाबा विश्वनाथ के रूप में है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विश्वनाथ कॉरिडोर का काम चल रहा है। 1916 में काशी विश्वनाथ के दर्शन के बाद राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने गलियों में गंदगी और दुर्व्यवस्था की बात की थी, इसके बावजूद 100 वर्षों तक किसी ने बापू की बात पर ध्यान नहीं दिया। पहले मंदिर जाने का रास्ता पांच फीट था, मगर 2016 में शुरू हुए अभियान के बाद अब रास्ता 50 फीट है। घरों में छिपे 41 मंदिर अब तक सामने आए है। इनके व्यापक संरक्षण की योजना बनाई गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महामना मदन मोहन मालवीय ने आजादी की लड़ाई के वक्त ही बीएचयू की स्थापना की। बीएचयू की स्थापना कर उन्होंने देश पर उपकार किया और वर्तमान केंद्र सरकार ने उन्हें भारत रत्न सम्मान दिया। यह काम पहले होना चाहिए था, मगर किसी की सोच नहीं थी। आने वाले 100 साल के लिए हम देश को क्या देंगे, इस दृष्टिकोण पर काम होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस परिसर में एचपी और सेवा भारती की ओर से वर्ल्ड आन व्हील मोबाइल लैब को हरी झंडी दिखाई। इसमें इंटरनेट से युक्त डिजिटल शिक्षा के साथ प्रयोगशाला भी होगी। यह भारत सरकार की डिजिटल इंडिया के तहत शुरू की गई है। इसमें मुख्यमंत्री ने डिजिटल बोर्ड पर अपनी टिप्पणी भी लिखी।