ज्ञानपुर। बिहार के जज त्रिभुवन नाथ पाठक की शिकायत का मामला तूल पकड़ने लगा है। मंगलवार को ज्ञानपुर विधायक विजय मिश्र ने प्रेसवार्ता कर उनकी धमकी देने की शिकायत को साजिश बताया। कहा, कोई धमकी नहीं दी, गरीब की जमीन कब्जा होने से बचाने के लिए डीएम-एसपी से न्याय की गुहार लगाई थी। उन्होंने मुख्य न्यायाधीश सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, डीएम और एसपी को प्रार्थना पत्र भेजकर एडीजे पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। कहा इनकी जांच सीबीआई से कराई जाए।
मंगलवार को जिला पंचायत सभागार में ज्ञानपुर विधायक ने कहा कि मतेथू गांव निवासी एडीजे त्रिभुवन नाथ पाठक उनके सगे रिश्तेदार हैं। लेकिन, वह उसी गांव के निवासी गरीब की जमीन पर कब्जा कर रहे थे। इस पर डीएम-एसपी से न्याय करने के लिए कहा तो इससे एडीजे नाराज हो गए। अब मेरी छवि धूमिल करने के लिए साजिश के तहत मनगढ़ंत आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने ही कई लोगों से उन्हें नुकसान पहुंचाने की धमकी दी है। विधायक ने कहा कि अगर वह दोषी साबित होते हैं तो राजनीति छोड़ देंगे। उधर, एडीजे त्रिभुवन नाथ पाठक ने अमर उजाला से फोन पर हुई बातचीत में विधायक के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी भी सीबीआई जांच कराई जाए। गांव में सार्वजनिक रास्ता बनवाया जा रहा था, जिसे अड़ंगा डालकर उन्होंने रोक दिया।
जज के खिलाफ उच्चाधिकारियों को लिखा पत्र
ज्ञानपुर। प्रतापसिंह पट्टी मतेथू निवासी जयसराज तिवारी ने मुख्य सचिव समेत तमाम उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर एडीजे त्रिभुवन नाथ पाठक पर परेशान करने का आरोप लगाया है। कहा कि जमीन पर कब्जा करने की नीयत से परेशान किया जाता है। कई महीने से एडीजे के खिलाफ पीएम, सीएम समेत प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन पुलिस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।