वाराणसी। काशी विश्वनाथ मंदिर के रेड जोन में स्थित मां अन्नपूर्णा की स्वर्णमयी प्रतिमा के पट धनतेरस पर सोमवार को हस्त नक्षत्र में खुलेंगे। पांच नवंबर को 21 साल बाद मां के दर्शन की शुरुआत हस्त नक्षत्र से होगी। यह बहुत ही शुभकारी योग है। साल में सिर्फ चार दिन खुलने वाली इस स्वर्णमयी प्रतिमा के दर्शन के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
काशी अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र की दूसरी शाखा के सभागार में महंत रामेश्वरपुरी ने बताया कि इस वर्ष धनतेरस बड़ा ही शुभ योग का है। देश में समृद्धि रहेगी। देश का कोष भरा रहेगा। बताया, सोमवार को भोर में पूजन व आरती के बाद मां के खजाने की पूजा-पाठ कर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए पट खोल दिए जाएंगे। भोग आरती के समय दोपहर 12 बजे तक दर्शन होंगे। आधे घंटे बाद शुरू होने वाले दर्शन-पूजन रात 11 बजे तक चलेंगे। प्रेस वार्ता के दौरान उप महंत शंकर पूरी व कार्यकारी ट्रस्टी ए जनार्दन उपस्थित रहे।
पांच हजार लोगों को भेजा जाएगा खजाना
इस बार अन्नपूर्णा मंदिर की ओर से मंदर ट्रस्ट के आजीवन सदस्य पांच हजार लोगों को मां का खजाना कोरियर से भेजा जाएगा। वहीं मां के दरबार में सेवार्थ दान करने वाले दो लाख लोगों को प्रसाद भेजा जाएगा।