वाराणसी। बड़ा लालपुर स्थित दीनदयाल हस्तकला संकुल में चार दिनों से चल रही इंडिया कार्पेट एक्सपो बुधवार को संपन्न हो गई। इसमें विभिन्न देशों से आए आयातकों और भारत के निर्यातकों के बीच 450 करोड़ रुपये की कारोबारी पूछताछ हुई। साथ ही 50 करोड़ से अधिक के ऑर्डर भी मिले। मेले में इस बार करीब 575 खरीदार आए। जिनमें 38 विभिन्न देशों के खरीदार और उनके प्रतिनिधियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
मेले में अंतिम दिन तक 350 विदेशी खरीदार और लगभग 225 उनके भारतीय प्रतिनिधियों ने निर्यातकों से पूछताछ की। भदोही के गोपीगंज से आये त्रिवेणी कार्पेट के निर्यातक शरद पांडेय ने बताया कि अफगानिस्तान कालीन उत्पादन में सिल्वर वाश का प्रयोग किया जा रहा है और यहां उसी की तर्ज पर शोध कर मिलाह वाश बनाकर कालीन को निखारा गया। अमेरिका, इजिप्ट, बेल्जियम, चिली इत्यादि स्थानों से अच्छे आर्डर मिले हैं। मेले में बच्चों की पसंद को देखते हुए भी कालीन सजाया गया है। निर्यातक आशीष का कहना है कि बच्चाें के लिए कालीन की अमेरिका में काफी मांग है। पिछले पांच साल में कालीन उद्योग में 25 फीसदी का इजाफा हुआ है।
वहीं, दोपहर बाद आम लोगों के लिए प्रदर्शनी खोल दिया गया। मेले में स्टालों पर लगे नए-नए डिजाइन को देखकर लोग काफी उत्साहित नजर आए। कालीन एक्सपो में पहुंचे बुनकरों ने कहा कि यहां कई नई डिजाइन देखने को मिली। किस तरह के डिजाइन दूसरे देशों के लोग पंसद कर रहे हैं यह भी सीखने को मिला।