फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संबद्धता और संस्थान का पता नहीं, आयोजित करने जा रहे परीक्षा0

विज्ञापन
विज्ञापन
वाराणसी। धोखाधड़ी के सहारे संचालित स्कूल ऑफ ब्रॉडकास्टिंग के संचालक अब सीनाजोरी पर उतारू हैं। यह स्कूल संचालकों के कारनामे से पीड़ित छात्र-छात्राओं का कहना है। छात्र-छात्राओं ने बताया कि सिगरा थाने में मुकदमा दर्ज होते ही स्कूल संचालकों ने महमूरगंज स्थित कार्यालय खाली कर दिया। अब चुनिंदा छात्र-छात्राओं को ई-मेल और मैसेज भेज कर 20 मई को दोपहर एक से चार बजे तक महमूरगंज में डिप्लोमा इन रेडियो स्टेशन ऑपरेशंस एंड मैनेजमेंट की वार्षिक परीक्षा आयोजित करने की बात कही है। स्कूल संचालकों की ओर से ताकीद की गई है कि जो परीक्षा में नहीं शामिल होगा उसका पंजीयन कैंसल मान लिया जाएगा और इसके लिए संस्थान जिम्मेदार नहीं होगा।
विज्ञापन

अब भला जिस संस्थान की संबद्धता और मान्यता ही गंभीर सवालों के घेरे में है, कागजात फर्जी हैं, संचालक धोखाधड़ी के आरोपी हैं। वो स्कूल कौन सी परीक्षा करा कर कहां का डिप्लोमा सर्टिफिकेट देगा, यह सभी की समझ से परे है। छात्र-छात्राओं ने कहा है कि अब वो मुख्यमंत्री से मामले में कार्रवाई के लिए न्याय की गुहार लगाएंगे।
सिगरा थाने में 28 अप्रैल को स्कूल ऑफ ब्रॉडकास्टिंग के संचालक साईं शेखर तिवारी, सेंटर हेड मोना जसलानी, यशार्थ दीप और प्रशांत शुक्ला के खिलाफ धोखाधड़ी, छल, जान से मारने की धमकी देने और यौन उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज किया गया था। 21 दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तो दूर पुलिस उनसे पूछताछ तक नहीं कर सकी है। मुकदमा दर्ज कराने वाले 20 छात्र-छात्राओं का आरोप है कि पुलिस की बेपरवाही का परिणाम यह रहा कि अब भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के नाम का सहारा लेकर उन्हें मुकदमा वापस लेने के लिए धमकाया जा रहा है। बात ना मानने पर देख लेने की धमकी दी जा रही है। छात्र-छात्राओं ने कहा कि हमारा भविष्य तो स्कूल ऑफ ब्रॉडकास्टिंग के संचालकों ने बरबाद ही कर दिया। कम से कम अन्य बच्चों के भविष्य के प्रति पुलिस-प्रशासन गंभीरता से विचार करता तो आरोपी पकड़े जाते।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें