वाराणसी। प्रदेश के नगर विकास मंत्री और जिले के प्रभारी सुरेश खन्ना को शहर में आने-जाने के लिए ब्लैक लिस्टेड इनोवा गाड़ी उपलब्ध कराने का मामला अधिकारियों के गले की फांस बन गया है। अब इस मामले की जांच के बहाने विभागीय अधिकारियों को बचाने की कोशिश शुरू हो गई है। पता चला है कि मेयर और नगर आयुक्त भी ट्रेवल एजेंसी की गाडि़यों से चलते हैं और प्राय: इनके बारे में कोई जांच-पड़ताल नहीं की जाती है, क्योंकि नगर निगम के कुछ अफसरों की गाडि़यां भी यहां किराए पर लगी हुई हैं।
सीधे-सीधे लापरवाही सामने आने के बावजूद नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल का कहना है कि जिस ट्रेवल एजेंसी से गाड़ी मंगाई गई थी, उसके संचालक से जवाब तलब किया जाएगा। साथ ही वाहन के संबंध में परिवहन विभाग से भी जानकारी मांगी जाएगी। यह भी कहा, अगर जांच में गाड़ी ब्लैक लिस्टेड पाई गई तो संबंधित व्यक्ति पर कार्रवाई होगी। खन्ना को उपलब्ध कराई गई इनोवा का मई के बाद से टैक्स जमा नहीं किया गया है। इस गाड़ी से कभी चंदौली के निलंबित एआरटीओ आरएस यादव चलते थे। यादव की गिरफ्तारी के बाद उसे ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है। यह जानकारी सभी को थी पर किसी जांच-पड़ताल से बचने के लिए इसे प्रभारी मंत्री के लिए बुला लिया गया।
सूत्रों की मानें तो मंत्री को वाहन उपलब्ध कराने के लिए पीसीएफ प्लाजा स्थित एक ट्रेवल एजेंसी से कहा गया था। नगर निगम और एडीएम प्रोटोकाल कार्यालय की ओर से इसी एजेंसी के जरिए वाहन लिए जाते हैं। एजेंसी संचालक अजय सिंह का कहना है कि उनके यहां कई लोग अपने वाहन चलवाते हैं। अमूमन वाहन का रजिस्ट्रेशन पेपर, परमिट, बीमा, फिटनेस और चालक का डीएल चेक किया जाता है। अगर गाड़ी का टैक्स नहीं जमा है तो वाहन मलिक जुर्माने के साथ उसे बाद में जमा कर सकता है। वाहन ब्लैक लिस्टेड है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं थी। जानकारी की जा रही है कि यह गाड़ी अब तक किन-किन और मंत्रियों के लिए मंगाई जा चुकी है।