वाराणसी। दालमंडी में अवैध निर्माण के खिलाफ वीडीए, पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई के बाद वृहस्पतिवार को अवैध भवनों एवं निर्माण का सर्वे करने गई वीडीए की टीम और पुलिस को विरोध का सामना करना पड़ा। नाराज दुकानदारों ने दोपहर में दुकानें बंद कर, वीडीए, पुलिस और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। सर्वे बंद करो, टीम वापस जाओ के नारे लगाए। टीम ने पहले दिन दालमंडी सहित आसपास के इलाके में 18 अवैध निर्माण को चिह्नित किया है। अब वीडीए इनके खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी में है।
बुधवार को कार्रवाई के बाद वीडीए वीसी राजेश कुमार के निर्देश पर तहसीलदार अविनाश कुमार की अगुवाई में 10 सदस्यीय टीम ने दालमंडी सहित आसपास के इलाकों में बने भवनों का सर्वे किया। जिसमें यह जानकारी हासिल की गई कि कितने नए निर्माण हुए है और कहां-कहां बेसमेंट बना है। साथ ही नए निर्माण में कितने भवन स्वामियों ने वीडीए से नक्शा स्वीकृत कराया है। वहीं सर्वे के दौरान दुकानदारों में नाराजगी थी कि बेसमेंट निर्माण केनाम पर बड़ा मामला बनाया जा रहा है। जबकि मौजूद भूभाग पर ही निर्माण कराया गया है। आरोप लगाया कि इसे तूल दिया जा रहा है। दालमंडी में दुकानदारों के इकट्टा होने, नारेबाजी करने की सूचना मिलते ही दालमंडी मार्ग पर शांति एवं सुरक्षा के मद्देनजर काफी संख्या में फोर्स तैनात कर दी गई। इस दौरान दुकानदारों ने करीब डेढ़ घंटे तक आधे से अधिक दुकानें बंद कर दी। लगभग साढ़े तीन बजे फिर से दुकानें खोल दी गई। इसके बाद दालमंडी बाजार का माहौल सामान्य हुआ।
नगर निगम निरस्त करेगा मकान नंबर
वाराणसी। अवैध निर्माण का मामला सामने आने के बाद नगर निगम भी सतर्क हो गया है। नगर निगम अब इंतजार कर रहा है कि अवैध भवन घोषित होता है तो उसे खाली प्लाट के रूप में दर्ज कर दिया जाएगा और जारी मकान नंबर को निरस्त कर दिया जाएगा। नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल का कहना है कि भवन का कोई कर बकाया नहीं है।
वीडीए करे ध्वस्तीकरण की कार्रवाई: कमिश्नर
वाराणसी। दालमंडी क्षेत्र में अवैध बेसमेंट निर्माण कार्य मामले में कमिश्नर और वीडीए के चेयरमैन नितिन रमेश गोकर्ण ने बताया कि इस प्रकरण ध्वस्तीकरण वाद में कोई स्टे आदेश पारित नही है। जबकि संबंधित उक्त वाद में सुनवाई के दौरान अधिवक्ता ने आगे की तिथि ले ली। उन्होंने बताया कि वाद के नियत नौ तिथियों के दौरान अधिवक्ता लोग न्यायिक कार्य से विरत रहे। उन्होंने बताया कि जब उक्त प्रकरण में कोई स्टे आदेश पारित नहीं रहा तो विकास प्राधिकरण को ध्वस्तीकरण की कार्यवाई की जानी चाहिए। उन्होंने विकास प्राधिकरण को उस अवैध निर्माण कार्य को ध्वस्त करने और एसएसपी को फोर्स उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।