वाराणसी। बीएचयू में अपने कुलपति के कार्यकाल के दौरान मजबूरी में अयोग्य लोगों को नियुक्त करने के बयान पर प्रो. जीसी त्रिपाठी घिरते चले जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर टिप्पणी हो रही है। इस बीच अधिवक्ता और एनएसयूआई जिलाध्यक्ष विकास सिंह ने आरटीआई के माध्यम से प्रो. त्रिपाठी के कार्यकाल में रिक्त पदों पर हुई नियुक्तियों की जानकारी मांगी है। विश्वविद्यालय के जनसूचना अधिकारी को लिखे पत्र में विकास ने उम्मीदवारों के नाम और उनकी योग्यता का विवरण देने को कहा है।
प्रो. त्रिपाठी ने 26 नवंबर को केएन उडप्पा सभागार में आयोजित विदाई समारोह में अपने कार्यकाल में मजबूरी में अयोग्य लोगों की नियुक्तियां करने की बात कही थी। उनके बयान की निंदा करने के साथ ही लोग टिप्पणी भी खूब कर रहे हैं। इस बीच एनएसयूआई जिलाध्यक्ष विकास ने जनसूचना अधिकारी को जो पत्र दिया है, उसमें 27 नवंबर 2014 से 26 नवंबर 2017 तक रिक्त पदों पर भर्ती, उम्मीदवारों का नाम, योग्यता के साथ ही पदवार निर्धारित योग्यता मांगी है। बताया कि इसके अलावा मानव संसाधन मंत्रालय और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को भी इस मामले में पत्र भेजा जा चुका है।
शोध मोर्चा आज करेगा संकल्प सभा
बीएचयू शोध मोर्चा ने कुलपति के बयान पर विरोध जताया है। पूर्व छात्रनेता सुनील यादव ने कहा कि अयोग्य लोगों की नियुक्ति करने की प्रो. त्रिपाठी की आत्मस्वीकारोक्ति आश्चर्यजनक नहीं है। बीएचयू में राजनैतिक दखलंदाजी का ही असर है कि न केवल अयोग्य नियुक्तियां हुई बल्कि शिक्षा और शोध में भी भेदभाव को बढ़ावा दिया जा रहा है। सुनील ने शोध प्रवेश परीक्षा में भी योग्य विद्यार्थियों को प्रवेश से वंचित करने और अयोग्य को पीएचडी डिग्री दिलाने का आरोप लगाया। बताया कि 30 नवंबर को बीएचयू छित्तूपुर गेट पर शाम 3 बजे संकल्प सभा का आयोजन किया गया है।