वाराणसी। दिल्ली की जहरीली धुंध (स्मॉग) का असर बुधवार को वाराणसी समेत पूर्वांचल के कई जिलों में दिखने लगा। सुबह दस बजे के बाद से ही आसमान में धुंध छाने लगी। शाम तक ऐसा ही मौसम रहा। आंखों में जलन सी महसूस होती रही और कुछ बुजुर्गों को तो सांस लेने तक में परेशानी होने लगी। जानकारों का कहना है कि तेज धूप और हवा चलने के बाद ही मौसम में बदलाव होगा और धुंध छंटेगी। वहीं इस खतरनाक प्रदूषण से निबटने के लिए क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन ने कोई तैयारी नहीं की है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पतालों को भी अलर्ट नहीं किया गया है।
दिल्ली समेत आसपास के इलाकों में प्रदूषण बेहद खतरनाक स्तर पर है। मंगलवार को ही आशंका व्यक्त की गई थी कि दिल्ली के स्मॉग का असर जल्द ही वाराणसी में देखने को मिलेगा। बुधवार की सुबह दस बजे के बाद से ही धुंध का असर दिखने लगा। वाराणसी, जौनपुर, आजमगढ़, मिर्जापुर, गाजीपुर, बलिया के साथ ही गोरखपुर में भी इसका असर रहा। दोपहर दो बजे और शाम को वाराणसी में प्रदूषण खतरनाक स्तर पर था।
शाम छह बजे पीएम (2.5)-320 था। वहीं लखनऊ, कानपुर और आगरा की स्थिति इससे ज्यादा खराब थी। दिल्ली और गाजियाबाद में सबसे ज्यादा प्रदूषण था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से रिपोर्ट भेजने के लिए नामित किए गए पं. मदन मोहन मालवीय इंजीनियरिंग कॉलेज, गोरखपुर के प्रो. एवं पर्यावरणविद् गोविंद पांडेय ने बताया कि हवा चलने और धूप होने के बाद धुंध अपने आप छंटेगी। स्थानीय स्तर पर मौसम के बदलाव और प्रदूषण की वजह से धुंध बनी हुई है। वहीं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी घनश्याम ने बताया कि पूर्वांचल में छाई धुंध दिल्ली के स्मॉग का असर है जो धीरे-धीरे ही छंटेगी।